Landslide – भारी बारिश से ज्योतिर्मठ के किमाना गांव में मलबा, दो परिवार सुरक्षित स्थान पर…
Landslide – लगातार हो रही तेज बारिश के चलते उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ क्षेत्र के किमाना गांव में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे आ गया। अचानक आए मलबे और तेज बहाव ने गांव के कई हिस्सों को प्रभावित किया, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही और दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सबसे अधिक प्रभावित इलाके से दो परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। प्रभावित क्षेत्र में राहत और निगरानी का काम जारी है।

गांव के रास्ते और फसलें प्रभावित
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, पहाड़ी से आए मलबे के कारण गांव के संपर्क मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तेज पानी के बहाव ने खेतों में भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की फसल प्रभावित हुई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर रहा है, ताकि आवश्यक राहत उपाय समय पर किए जा सकें।
राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने मानसून और आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर भूस्खलन या मलबे के कारण आवागमन बाधित हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए। साथ ही सरकारी और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देने पर जोर
मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जान-माल का नुकसान हुआ है तो पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि आपदा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति का समय पर सामना किया जा सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
बारिश के मौसम को देखते हुए नदी, गाड़-गदेरों और अन्य संवेदनशील इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यदि किसी स्थान पर खतरे की आशंका हो तो वहां रहने वाले परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही उनके लिए भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को लेकर भी जारी किए निर्देश
मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि भारी बारिश की चेतावनी के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। मौसम विभाग की सलाह के अनुसार यदि प्रतिकूल परिस्थितियां बनती हैं तो यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित पड़ावों पर ठहराने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।