Election – बांकीपुर उपचुनाव में आरोप-प्रत्यारोप के बीच निष्पक्ष मतदान पर बढ़ी सियासी बहस
Election– बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जन सुराज पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा ने निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर मतदान के दौरान पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और सख्त बनाने की मांग की है। वहीं, जन सुराज ने इन आरोपों को राजनीतिक रणनीति करार देते हुए भाजपा पर प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

निर्वाचन अधिकारियों से सख्त पहचान सत्यापन की मांग
भाजपा के बिहार प्रदेश महामंत्री नितिन अभिषेक ने निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा है कि मतदान के दौरान फर्जी मतदान की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से मतदान कराने का प्रयास किया जा सकता है, जिससे चुनाव की पारदर्शिता प्रभावित होने का खतरा है। भाजपा ने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले पर निगरानी रखने और आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
EPIC कार्ड के आधार पर जांच पर जोर
भाजपा ने मांग रखी है कि प्रत्येक मतदाता की पहचान मूल EPIC कार्ड के आधार पर सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मतदाता सूची में दर्ज विवरण और पहचान पत्र का सावधानीपूर्वक मिलान करने के बाद ही मतदान की अनुमति दी जाए। पार्टी ने यह भी कहा है कि सभी पीठासीन अधिकारियों और मतदान कर्मियों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
जन सुराज ने आरोपों को बताया राजनीतिक दबाव
दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी ने भाजपा के आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनावी मुकाबले में बढ़ते दबाव के कारण भाजपा इस तरह के आरोप लगा रही है। उनका कहना है कि जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी और चुनाव परिणाम इसका स्पष्ट उत्तर देंगे।
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का भी उठाया मुद्दा
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 24 घंटों के दौरान जन सुराज से जुड़े 16 कार्यकर्ताओं को पटना पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और स्थानीय पुलिस की ओर से स्थिति को लेकर भ्रम बना हुआ है। जन सुराज ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।