VigilanceTrap – सितारगंज तहसील में ट्रैप कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद, कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार…
VigilanceTrap – उत्तराखंड के सितारगंज तहसील परिसर में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद देर रात तक शांत नहीं हो सका। कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते विजिलेंस की टीम पूरी रात तहसील परिसर में ही मौजूद रही। दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त कराने के लिए कई स्तर पर बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन देर रात तक किसी सहमति पर बात नहीं बन सकी। इसके चलते परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

वार्ता के कई प्रयास रहे बेनतीजा
जानकारी के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के बाद कर्मचारी संगठनों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते विजिलेंस अधिकारियों को तहसील परिसर से बाहर निकलने में कठिनाई हुई। विवाद सुलझाने के लिए देर रात तक कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय स्तर पर उम्मीद थी कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास करेंगे, हालांकि देर रात तक ऐसा नहीं हो सका।
गिरफ्तार कर्मचारी के परिजन भी पहुंचे
ट्रैप कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के परिवार के सदस्य भी रात के समय तहसील परिसर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी पूरे मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
कर्मचारी संगठनों ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित कई कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। संगठनों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले के सभी तथ्यों की विस्तृत जांच किए बिना की गई कार्रवाई से कर्मचारियों में असंतोष पैदा हुआ है।
राजस्व प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों का पक्ष
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नियमित और वैधानिक राजस्व वसूली की प्रक्रिया को रिश्वतखोरी से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों की छवि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने अपना विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है।
प्रदेशभर में सेवाओं पर पड़ सकता है असर
राजस्व कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि कार्य बहिष्कार लंबा चलता है तो तहसीलों में नामांतरण, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने, भू-अभिलेख संबंधी कार्यों तथा राजस्व वसूली जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।