उत्तर प्रदेश

RamMandir – चंपत राय से मिले ट्रस्ट कोषाध्यक्ष, दो घंटे चली अहम बैठक

RamMandir- श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बुधवार को ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब दो घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। बैठक समाप्त होने के बाद स्वामी गोविंद देव गिरि बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से रवाना हो गए। इस मुलाकात को हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पत्र सार्वजनिक होने के बाद बढ़ी चर्चा

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले चंपत राय ने एक पत्र सार्वजनिक किया था। उस पत्र में उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए अपने इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम और उसे स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। पत्र सामने आने के बाद ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर चर्चाएं तेज हो गई थीं। ऐसे में दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों की मुलाकात को लेकर विभिन्न स्तरों पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

आधिकारिक बयान का इंतजार

मुलाकात के बाद न तो स्वामी गोविंद देव गिरि और न ही चंपत राय की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया। इसी वजह से बैठक में हुई चर्चा को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि हाल के विवाद, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और आगे की प्रक्रिया जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ हो सकता है। फिलहाल इन अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चंपत राय ने पहले रखी थी अपनी बात

इससे पहले चंपत राय ने दान राशि की गणना प्रक्रिया और उससे जुड़े कुछ प्रशासनिक पहलुओं पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया था। उन्होंने एक पत्र में दावा किया कि गणना प्रक्रिया से संबंधित कुछ दिशा-निर्देशों और दस्तावेजों की जानकारी उन्हें काफी बाद में मिली। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर नहीं लिए गए, जबकि इससे पहले ऐसे समझौतों और दस्तावेजों में उनकी भागीदारी रही थी। उन्होंने इस संबंध में अपना पक्ष जांच का हिस्सा बनाए जाने का अनुरोध भी किया था।

जांच प्रक्रिया पर बनी हुई है नजर

चंपत राय ने अपने पत्र में दान की गणना व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और संबंधित प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया था। उन्होंने ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए एक समझौते का हवाला देते हुए कहा कि उसमें सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधान शामिल थे। दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर अभी तक श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट या जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान के बाद ही सामने आएगी।

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