RamTemple – अयोध्या में अनुपम खेर बोले, घटना से नहीं प्रभावित होगी श्रद्धालुओं की आस्था
RamTemple- अभिनेता अनुपम खेर ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामजन्मभूमि मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राम मंदिर से जुड़े हालिया चढ़ावा चोरी प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की कथित गलत हरकत को मंदिर की गरिमा या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करे और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

मंदिर की प्रतिष्ठा पर नहीं पड़ता ऐसी घटनाओं का असर
अनुपम खेर ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल की पहचान वहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था से होती है, न कि किसी एक व्यक्ति के आचरण से। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी घर में चोरी हो जाए तो लोग चोर की निंदा करते हैं, घर की नहीं। इसी तरह किसी कथित अनियमितता के आधार पर राम मंदिर या भगवान श्रीराम की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, मंदिर के प्रति लोगों का विश्वास पहले की तरह बना रहेगा।
श्रद्धा और दान को बताया व्यक्तिगत विश्वास का विषय
अभिनेता ने कहा कि दान पूरी तरह श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा विषय है। किसी एक घटना के कारण लोगों के मन में धार्मिक आस्था को लेकर संशय पैदा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मंदिर निर्माण के लंबे संघर्ष को देखा है, उनके लिए यह केवल एक इमारत नहीं बल्कि आस्था का प्रतीक है। इसलिए किसी भी मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई को धार्मिक भावनाओं से अलग रखकर देखा जाना चाहिए।
अयोध्या में शुरू होगी नई फिल्म की शूटिंग
अनुपम खेर ने बताया कि उनकी नई फिल्म ‘श्री राम जन्मभूमि’ की शूटिंग अयोध्या में शुरू हो रही है। उनके अनुसार, फिल्मांकन लगभग 10 से 12 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत भगवान श्रीराम और हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर की गई है। अभिनेता ने अयोध्या के आध्यात्मिक वातावरण की भी सराहना की और कहा कि यहां आकर उन्हें विशेष अनुभूति होती है।
जांच प्रक्रिया पर बनी हुई है नजर
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। इस मामले में अलग-अलग पक्षों की ओर से अपने-अपने बयान सामने आए हैं, जबकि जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। अनुपम खेर ने भी कहा कि तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी एक घटना के कारण पूरे मंदिर या सनातन परंपरा को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं होगा।