EDRaid – पूर्व विधायक दीप नारायण यादव से जुड़े ठिकानों पर ED ने की कार्रवाई
EDRaid- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को झांसी के गरौठा से पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनसे जुड़े लोगों के कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई। एजेंसी फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित मामलों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान लखनऊ और झांसी के विभिन्न स्थानों पर एक साथ संचालित किया गया।

कई आपराधिक मामलों की जांच का हिस्सा
ED के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पूर्व विधायक के खिलाफ विभिन्न मामलों से जुड़ी 23 से अधिक प्राथमिकी और कुल लगभग 60 आपराधिक प्रकरणों का उल्लेख सामने आया है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे आरोप शामिल बताए गए हैं। ये मामले भारतीय दंड संहिता (IPC), उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए हैं। एजेंसी इन मामलों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
तलाशी के दौरान दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जुटाए
जांच एजेंसी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के परिसरों की तलाशी ली गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, चल और अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड तथा वित्तीय लेनदेन से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का विश्लेषण कर आगे की जांच की जाएगी ताकि धन के स्रोत और लेनदेन की प्रकृति स्पष्ट हो सके।
लखनऊ के कई ठिकाने भी जांच के दायरे में
ED की टीम ने लखनऊ में एल्डिको कॉलोनी स्थित एक अपार्टमेंट के छठे तल पर स्थित फ्लैट और कानपुर रोड स्थित सनराइज अपार्टमेंट में भी तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा झांसी के कुछ अन्य परिसरों पर भी जांच की कार्रवाई की गई। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार
प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के चरण में है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल एजेंसी ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।