RamMandir – चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, सामने आए आरोपी के ठिकाने से जुड़े नए तथ्य
RamMandir – अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़े ठिकानों की जांच के दौरान कई नई जानकारियां सामने आई हैं। कौशलपुरी स्थित एक योग केंद्र में पुलिस की कार्रवाई के बाद वहां मौजूद लोगों ने आरोपी और उसके परिवार से जुड़े कुछ अहम दावे किए हैं। हालांकि, इन बयानों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।

योग केंद्र से सामने आए आरोपी के संबंधों के दावे
योग केंद्र की संचालिका सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश शुक्ला का बड़ा भाई अभिषेक करीब दस वर्षों से संस्थान से जुड़ा रहा है। उनके अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पहले अभिषेक अपने भाई अविनाश को भी योग केंद्र लेकर आया था। उन्होंने बताया कि अभिषेक एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है और धार्मिक संस्थानों से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में भी रहा है। उनका मानना है कि इन्हीं परिचयों के आधार पर अविनाश को राम मंदिर में गणना कार्य से जुड़ने का अवसर मिला होगा।
पुलिस कार्रवाई के बाद उठाए गए एहतियाती कदम
सीमा तिवारी ने बताया कि जब 5 जून को पुलिस योग केंद्र पहुंची और जांच की जानकारी सामने आई, तब संस्थान की साख प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अभिषेक को वहां आवंटित कमरा खाली करने के लिए कहा गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में अविनाश दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि संस्था किसी भी अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करती।
प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस कार्रवाई का किया जिक्र
योग केंद्र के सेवादार सुंदरलाल ने भी घटना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुसार, अभिषेक अपने भाई अविनाश को लगभग डेढ़ वर्ष पहले यहां लेकर आया था। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर में नियुक्ति मिलने से पहले अविनाश हनुमान गुफा क्षेत्र के आसपास पानी बेचने का कार्य करता था। बाद में मार्च 2025 से वह मंदिर में गणना कार्य से जुड़ गया था।
कमरे की तलाशी और नकदी बरामदगी को लेकर दावे
सुंदरलाल का कहना है कि 5 जून को पुलिसकर्मी आरोपी को साथ लेकर उसके कमरे तक पहुंचे। उनके मुताबिक, कमरे में रखे बक्से की चाबी से ताला खुलवाया गया और उसमें से दो बैग निकाले गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी के पास से करीब 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच अभी जारी है।
आय और संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी कहा कि अविनाश का मासिक वेतन लगभग 14 से 15 हजार रुपये बताया जाता था। ऐसे में उसके पास बड़ी मात्रा में नकदी होने की चर्चा ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने हाल ही में नया मोबाइल खरीदा था और ट्रैक्टर लेने की योजना बना रहा था। वहीं उसके भाई द्वारा जमीन खरीदने की बात भी कही जाती थी। इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
बरामदगी की सूची में विदेशी मुद्रा और आभूषण भी शामिल
मामले में पहले की गई पुलिस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित बरामदगी सूची में 79.85 लाख रुपये के अलावा 1121 अमेरिकी डॉलर, सोने की चेन, सोने की अंगूठी और चांदी के आभूषण मिलने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक रूप से इस सूची की पुष्टि नहीं की है।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून को सार्वजनिक हुआ था, जिसके बाद ट्रस्ट की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में गणना कार्य से जुड़े लोगों सहित आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से आरोपियों के ठिकानों पर दोबारा भी जांच की गई है। इस दौरान अतिरिक्त नकदी और आभूषण मिलने की चर्चाएं हैं, लेकिन जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान आने के बाद ही इन तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।