Court – कर्नाटक की अदालतों को लगातार बम धमकियां, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
Court – कर्नाटक में अदालतों को निशाना बनाकर भेजे जा रहे बम धमकी वाले ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है। ताजा मामला मैसूर की एक अदालत का है, जहां धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की जांच कराई। बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा इकाइयों ने अदालत भवन का विस्तृत निरीक्षण किया, लेकिन शुरुआती तलाशी में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

मैसूर अदालत में ईमेल मिलने के बाद शुरू हुआ तलाशी अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ईमेल प्राप्त होने के तुरंत बाद अदालत परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई। बम निरोधक दस्ते ने भवन के विभिन्न हिस्सों की सावधानीपूर्वक तलाशी ली। शुरुआती जांच में कोई खतरा सामने नहीं आया, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए सभी आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
कारवार जिला न्यायालय को भी मिल चुकी है ऐसी चेतावनी
इससे पहले कारवार स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय को भी इसी तरह का एक ईमेल प्राप्त हुआ था। संदेश में दावा किया गया था कि न्यायालय के ई-प्रशासन कार्यालय और अभिलेख कक्ष में विस्फोटक सामग्री रखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस, खोजी कुत्तों और बम निरोधक टीम की मदद से पूरे परिसर की गहन जांच की गई। हालांकि, उस मामले में भी कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी।
अन्य सरकारी कार्यालय भी आए निशाने पर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिला अदालत के आधिकारिक ईमेल पर अदालत के साथ-साथ तहसीलदार कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना मिली है। पिछले सप्ताह राज्य के दो निजी होटलों को भी इसी प्रकार के फर्जी धमकी भरे ईमेल मिले थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इन मामलों को एक-दूसरे से जोड़कर भी जांच कर रही हैं।
धमकियों के पीछे की मंशा की जांच जारी
अधिकारियों का प्रारंभिक आकलन है कि अब तक मिली अधिकांश धमकियां फर्जी हो सकती हैं, लेकिन इनके जरिए भय का माहौल बनाने की कोशिश से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस साइबर माध्यम से भेजे गए ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है ताकि संदेश भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की जा सके। अदालत परिसरों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और प्रवेश व्यवस्था पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।