उत्तर प्रदेश

CyberCrime – लखनऊ में कथित फर्जी कॉल सेंटर पर पड़ा छापा, विदेशी नागरिकों से ठगी की जांच तेज…

CyberCrime – लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र स्थित एक व्यावसायिक इमारत में संचालित कथित फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यहां से विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। मामले में विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की जानकारी जुटा रही है।

शुरुआती जांच में सामने आए कई अहम तथ्य

डीसीपी क्राइम अनिल यादव के अनुसार, अब तक की जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों को अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना अनिवार्य था। उन्हें विदेशी नागरिकों से बातचीत करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, कर्मचारियों को 30 से 40 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाता था और कॉल के लिए इंटरनेट आधारित संचार प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क के विदेशी संपर्क कितने व्यापक थे।

छापेमारी के दौरान मचा हड़कंप

पुलिस ने मंगलवार रात कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में कुछ जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोगों ने जांच को भटकाने का प्रयास किया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद कई कर्मचारी भावुक हो गए, जिसके चलते महिला कर्मचारियों की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त महिला पुलिस बल भी बुलाया गया। पूछताछ का सिलसिला देर रात से शुरू होकर अगले दिन तक जारी रहा।

विदेशी एजेंसियों के नाम पर ठगी का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गिरोह विदेशी कंपनियों के टोल-फ्री नंबरों की नकल कर लोगों तक पहुंचता था। पुलिस के अनुसार, कॉल करने वाले लोगों की बातचीत इंटरनेट आधारित प्रणाली के माध्यम से लखनऊ स्थित सेंटर तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद कॉल करने वालों को कथित रूप से खुद को एफबीआई अधिकारी बताकर डराया जाता था और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन पड़ताल

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कुछ अन्य संदिग्ध लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क का संचालन किस स्तर से किया जा रहा था और इसमें देश-विदेश के कितने लोग शामिल हो सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

व्यावसायिक परिसर में संचालन पर भी उठे सवाल

जिस इमारत में यह कॉल सेंटर संचालित होने का आरोप है, वहां पहले से पुलिस की मौजूदगी रहने के बावजूद गतिविधियों का लंबे समय तक सामने न आना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। छापेमारी के बाद पुलिस ने परिसर को खाली कराकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी की। हिरासत में लिए गए लोगों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

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