Ayodhya – राम मंदिर चढ़ावा विवाद में ट्रस्ट के भीतर तेज हुआ आरोपों का दौर
Ayodhya – अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस मुद्दे पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बीच सार्वजनिक रूप से आरोप-प्रत्यारोप सामने आने लगे हैं। ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने विवाद को लेकर पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं के एक समूह ने भी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी है।

ट्रस्ट सदस्य ने पूर्व पदाधिकारी पर लगाए आरोप
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा विवाद के लिए गोपाल राव जिम्मेदार हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक मामलों में अनावश्यक जटिलता पैदा की गई, जिससे स्थिति विवादास्पद बनी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की परंपराओं और कार्यप्रणाली का सम्मान किया जाना चाहिए तथा धार्मिक संस्थानों के संचालन में राजनीतिक दृष्टिकोण से बचना आवश्यक है।
अधिवक्ताओं ने एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई
इसी बीच अयोध्या में बड़ी संख्या में अधिवक्ता इस मामले को लेकर सड़क पर उतरे। फैजाबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत जमा कराई।
शिकायत पर पुलिस ने शुरू की प्रक्रिया
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने की पावती उन्हें मिल गई है। उनका कहना है कि यदि मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं होती है तो वे न्यायिक विकल्प अपनाने पर विचार करेंगे। फिलहाल पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विवाद पर बढ़ी सार्वजनिक चर्चा
ट्रस्ट से जुड़े बयानों और कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी बहस तेज हुई है। हालांकि अब तक आरोपों को लेकर किसी सक्षम जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है, इसलिए मामले की आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच के नतीजों पर टिकी आगे की नजर
फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की नजर बनी हुई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है, जबकि ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्ष अपने-अपने बयान सार्वजनिक कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के आधार पर इस मामले की दिशा तय होने की संभावना है।