उत्तर प्रदेश

Education – यूपी बोर्ड के राज्य टॉपर्स को दो वर्ष तक मिलेगी मासिक छात्रवृत्ति

Education – शिक्षा के क्षेत्र में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में इंडिया लिटरेसी बोर्ड ने नई छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है। संस्था ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को लगातार दो वर्षों तक मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस फैसले को संस्था की कार्यकारिणी समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। बोर्ड की निदेशक संध्या तिवारी ने बताया कि योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

टॉपर्स को मिलेगा नियमित आर्थिक सहयोग

नई व्यवस्था के अनुसार, हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र या छात्रा को हर महीने 3,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा के राज्य टॉपर को प्रति माह 5,000 रुपये की सहायता राशि दो वर्षों तक उपलब्ध कराई जाएगी। संस्था का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

सम्मान समारोह में होगा विद्यार्थियों का अभिनंदन

बोर्ड ने जानकारी दी है कि पात्र विद्यार्थियों को 17 सितंबर को आयोजित होने वाले डॉ. वेल्दी फिशर जयंती समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर छात्रवृत्ति योजना से जुड़े प्रमाणपत्र और सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे। संस्था के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना भी है।

इन विद्यार्थियों ने हासिल किया प्रदेश में पहला स्थान

वर्ष 2026 की यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। घोषित योजना के तहत ये विद्यार्थी छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। इसके अलावा इंडिया लिटरेसी बोर्ड द्वारा संचालित वेल्दी फिशर चिल्ड्रेंस अकादमी के विद्यालय स्तर के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

शुल्क में रियायत का भी किया गया ऐलान

छात्रवृत्ति योजना के साथ संस्था ने अभिभावकों को राहत देने के उद्देश्य से फीस में छूट की भी घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत यदि एक ही परिवार का दूसरा बच्चा संस्थान में अध्ययन करेगा तो उसके शिक्षण शुल्क में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा एकल मां के पहले और दूसरे बच्चे के लिए 30-30 प्रतिशत तक शुल्क रियायत देने का भी निर्णय लिया गया है। संस्था का कहना है कि इन कदमों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।

शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल

इंडिया लिटरेसी बोर्ड का मानना है कि प्रतिभा को प्रोत्साहन और आर्थिक सहयोग दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। छात्रवृत्ति और शुल्क रियायत जैसी योजनाएं उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं, जो बेहतर प्रदर्शन के बावजूद आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। संस्था ने भविष्य में भी शिक्षा को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहल जारी रखने की बात कही है।

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