ConversionCase – मोहनलालगंज धर्मांतरण जांच में नए दावे, पुलिस कई पहलुओं की कर रही पड़ताल
ConversionCase – लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में सामने आए कथित धर्मांतरण मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मंगलवार को भी पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच के दौरान ऐसे दावे सामने आए हैं कि कुछ लोगों को रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और आर्थिक सहायता का भरोसा देकर प्रार्थना सभाओं से जोड़ा जाता था। पुलिस फिलहाल इन सभी आरोपों की तथ्यात्मक जांच कर रही है।

गांव में प्रार्थना सभाओं को लेकर चर्चा
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मोहनलालगंज नगर पंचायत के भोला खेड़ा गांव में 120 से अधिक लोगों के नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की बात सामने आई है। गांव के एक स्थानीय निवासी ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर दावा किया कि वर्षों पहले एक झोलाछाप चिकित्सक के माध्यम से कुछ परिवारों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। इसके बाद बाहरी लोगों का गांव में आना-जाना बढ़ा और धार्मिक गतिविधियां धीरे-धीरे फैलने लगीं। इन दावों की भी पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
बच्चों और महिलाओं को लेकर लगाए गए आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाई के नाम पर एकत्र किया जाता था, जहां उनसे प्रार्थना भी कराई जाती थी। वहीं सप्ताह में एक दिन महिलाओं की बैठक आयोजित होने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि इन बैठकों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उन्हें धार्मिक कार्यक्रमों से जोड़ा जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सामाजिक संगठनों ने उठाई कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह और प्रदीप सिंह ने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए आर्थिक प्रलोभन दिए जाने की जानकारी मिली है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय पदाधिकारी प्रदीप रावत ने कहा कि संगठन इस मामले में पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देगा। उनका कहना है कि यदि जांच के बाद उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
लंबे समय से सक्रिय होने का दावा
कुछ ग्रामीणों ने दावा किया है कि कथित गिरोह पिछले करीब दो दशकों से क्षेत्र में सक्रिय है। उनके अनुसार, शुरुआत में गांव-गांव शिक्षा केंद्र खोलकर जरूरतमंद परिवारों से संपर्क बनाया गया और बाद में आर्थिक सहायता तथा अन्य सुविधाओं के माध्यम से लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश की गई। इन दावों की भी पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।
मुफ्त मदद के बहाने संपर्क बढ़ाने के आरोप
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बीमार लोगों के इलाज, राशन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के बाद कुछ परिवारों को कथित रूप से धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा गया। जांच के दौरान निगोहां, नगराम और गोसाईंगंज क्षेत्रों में भी कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। मोहनलालगंज के इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं और यदि जांच में किसी की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.