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Extradition – नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर विदेश मंत्रालय ने दी नई जानकारी

Extradition- भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण को लेकर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया ब्रिटेन में चल रही न्यायिक कार्यवाही पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए है और आर्थिक अपराधों के आरोपित भगोड़ों को वापस लाकर भारतीय अदालतों के सामने पेश करने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है।

विदेश मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया का किया उल्लेख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन की अदालतों में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने बताया कि वहां की न्यायिक कार्रवाई पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण से जुड़ी अगली औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य ऐसे सभी फरार आरोपितों को भारत लाकर कानून के अनुसार मुकदमे का सामना कराना है।

प्रीति पटेल की टिप्पणी के बाद आया बयान

विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल के हालिया बयान के बाद सामने आई है। उन्होंने दावा किया था कि भारत द्वारा ब्रिटेन में रह रहे कुछ अवैध प्रवासियों को वापस लेने में कथित अनिच्छा के कारण नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी हुई है। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में केवल यह कहा कि मामला ब्रिटेन की न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और उसी के पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई संभव होगी।

लंदन की अदालत से भी मिला था झटका

पिछले महीने लंदन की सर्किट कमर्शियल कोर्ट ने नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को 1.07 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि चुकाने का निर्देश दिया था। यह मामला उसकी दुबई स्थित कंपनी को दिए गए ऋण से जुड़ा बताया गया है। अदालत के इस फैसले को नीरव मोदी के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी झटका माना गया था।

2019 से ब्रिटेन की जेल में है नीरव मोदी

नीरव मोदी वर्ष 2019 से लंदन की जेल में बंद है। वह पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी कराने के प्रयास में लगी हैं। इस बीच नीरव मोदी ब्रिटेन से भारत भेजे जाने के आदेश को चुनौती देने के लिए यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में भी कानूनी विकल्पों का सहारा ले रहा है।

भारत ने दोहराई अपनी प्रतिबद्धता

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराधों के मामलों में फरार आरोपितों को कानून के दायरे में लाना सरकार की प्राथमिकता है। मंत्रालय का कहना है कि जैसे ही ब्रिटेन की अदालतों में लंबित कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी, नीरव मोदी के प्रत्यर्पण से संबंधित अगली कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।

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