Parliament Debate – लोकसभा में नीट चर्चा के बीच गूंजे Gen Z स्लैंग
Parliament Debate– लोकसभा में मंगलवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला। गंभीर बहस के बीच कई सांसदों ने युवाओं के बीच लोकप्रिय Gen Z स्लैंग का इस्तेमाल किया, जिससे सदन का माहौल कुछ समय के लिए सोशल मीडिया की चर्चाओं जैसा हो गया। हालांकि बहस का केंद्र परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े सवाल ही रहे।

शिंदे ने विपक्ष पर साधा निशाना
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने अपने संबोधन में विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कई चर्चित इंटरनेट स्लैंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष “MIA” यानी सार्वजनिक रूप से सक्रिय नहीं दिख रहा था, लेकिन जब छात्रों का विरोध बढ़ा तो उसे “FOMO” होने लगा और वह आंदोलन से जुड़ने पहुंच गया। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष इस भ्रम में रहा कि छात्र पूरी तरह उसके समर्थन में आ जाएंगे, जिसे उन्होंने “Delulu” शब्द से जोड़ा।
भाजपा सांसदों ने भी अपनाई नई शैली
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने अपने भाषण में कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा छोड़ी गई चुनौतियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते पहचान लिया। इस संदर्भ में उन्होंने “Clocked It” स्लैंग का उपयोग किया। वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि यदि कोई यह मानता है कि नीट विवाद के बाद सभी युवा एक ही राजनीतिक सोच के साथ खड़े हैं, तो यह वास्तविक स्थिति से अलग आकलन है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में मूल स्तर पर सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कांग्रेस ने भी दिए सोशल मीडिया संदर्भ
बहस के दौरान कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी सोशल मीडिया पर प्रचलित कुछ वायरल मीम्स और स्लैंग का उल्लेख किया। उन्होंने अपने भाषण में “Waste Guna Huiya” सहित कुछ लोकप्रिय इंटरनेट अभिव्यक्तियों का हवाला देते हुए युवाओं के बीच चल रही डिजिटल संस्कृति का संदर्भ जोड़ा। उनका उद्देश्य यह बताना था कि आज की पीढ़ी संवाद के नए तरीकों से जुड़ी हुई है और उनकी भाषा को समझना भी जरूरी है।
प्रियंका गांधी ने कैमरा एंगल पर किया तंज
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं से जुड़ाव केवल प्रस्तुति या कैमरे के एंगल से नहीं, बल्कि संवेदनशील संवाद से बनता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास जीतने के लिए दृष्टिकोण में बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है। यह टिप्पणी उस वीडियो के संदर्भ में आई, जिसमें प्रधानमंत्री ने नीट अभ्यर्थियों को संबोधित किया था और जिसकी सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई थी।
सुप्रिया सुले ने बहस को गंभीर मुद्दे पर लौटाने की अपील की
जब लगातार इंटरनेट स्लैंग का उपयोग होने लगा तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि संसद किसी ऑनलाइन शब्दकोश की परीक्षा का मंच नहीं है। उन्होंने सभी सदस्यों को याद दिलाया कि चर्चा का विषय छात्रों का भविष्य और परीक्षा प्रणाली से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। हालांकि उन्होंने भी अपनी टिप्पणी के अंत में “Delulu” शब्द का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक दलों को वास्तविक स्थिति का आकलन करने की सलाह दी।
सोशल मीडिया पर चर्चा का बना विषय
लोकसभा की कार्यवाही का मूल विषय नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुधार से जुड़ा था। लेकिन कार्यवाही के दौरान अलग-अलग दलों के सांसदों द्वारा Gen Z स्लैंग के इस्तेमाल ने सोशल मीडिया पर अलग चर्चा छेड़ दी। संसद में आधुनिक डिजिटल संस्कृति से जुड़े शब्दों का इस तरह उपयोग पहली बार इतने व्यापक स्तर पर देखने को मिला, जिसके कारण बहस का यह पहलू भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।