Business – नई पीढ़ी के उद्योगपतियों में उत्तर प्रदेश की बढ़ी मजबूत पहचान…
Business – देश में पारिवारिक कारोबार संभाल रही नई पीढ़ी के उद्योगपतियों को लेकर जारी ‘2026 एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया सक्सेसर्स 50’ रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हो गया है जहां अगली पीढ़ी के कारोबारी नेतृत्व वाली कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहा और यहां की पांच प्रमुख कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 2.89 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।

रिपोर्ट में महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुख कारोबारी राज्यों में शामिल किया गया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल भी इसी श्रेणी में रखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का असर अब कॉरपोरेट सेक्टर में भी साफ दिखाई देने लगा है।
कई बड़ी कंपनियों ने दर्ज की तेज वृद्धि
रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से जुड़ी जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है उनमें जेके सीमेंट, सैमवर्धना मदरसन इंटरनेशनल, आईनॉक्सजीएफएल ग्रुप, त्रिवेणी टर्बाइन और बलरामपुर चीनी मिल्स शामिल हैं। इन कंपनियों का संचालन अब नई पीढ़ी के कारोबारी संभाल रहे हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बाजार मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।
आईनॉक्सजीएफएल ग्रुप से जुड़े देवांश जैन का नाम रिपोर्ट में खास तौर पर सामने आया है। वहीं केईआई इंडस्ट्रीज के अक्षित दिविज गुप्ता ने भी तेज कारोबारी विस्तार के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। बलरामपुर चीनी मिल्स की अवंतिका सरावगी को देश की युवा महिला कारोबारी उत्तराधिकारियों में शामिल किया गया है।
नोएडा बन रहा नया कारोबारी केंद्र
रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अब देश के प्रमुख उभरते कारोबारी शहरों में शामिल हो गया है। शहर को अगली पीढ़ी के उद्योगपतियों का छठा सबसे बड़ा केंद्र बताया गया है। यहां स्थित कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 2.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और तकनीकी ढांचे ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट और विनिर्माण क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों ने यहां अपने संचालन का विस्तार किया है।
रोजगार और निर्यात में भी बढ़त
उत्तर प्रदेश की इन कंपनियों ने रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रिपोर्ट के अनुसार, सैमवर्धना मदरसन इंटरनेशनल बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों में शामिल है। वहीं त्रिवेणी टर्बाइन और जेके सीमेंट जैसी कंपनियां निर्यात और पूंजी दक्षता के मामले में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में उद्योगों के विस्तार से स्थानीय रोजगार अवसरों में वृद्धि हुई है। इससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है।
विनिर्माण क्षेत्र बना विकास की बड़ी वजह
हुरुन इंडिया के डेटा विश्लेषकों के अनुसार, नई पीढ़ी के कारोबारियों से जुड़ी अधिकांश कंपनियां विनिर्माण और वास्तविक उत्पाद आधारित उद्योगों से संबंधित हैं। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण जैसे क्षेत्रों में हो रहे निवेश ने उद्योग जगत को नई गति दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य अब केवल बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रहा, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में प्रदेश की कारोबारी स्थिति और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।