Bijnor Road Accident: मौत बनकर आया सफेद कोहरा, डंपर में घुसी बेकाबू क्रेटा, जानें कितनों की हुई मौत…
Bijnor Road Accident Tragedy: उत्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड के साथ गिर रहे घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार की आधी रात बिजनौर के नांगलसोती थाना क्षेत्र में कुदरत के इस सफेद कहर ने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए। विजिबिलिटी शून्य होने के कारण एक (High Speed Car Crash) का ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। तेज रफ्तार क्रेटा कार सड़क किनारे खड़े एक विशालकाय डंपर में पीछे से जा घुसी, जिससे कार सवार सभी लोगों की मौके पर ही जान चली गई।

धार्मिक जलसे से लौटते वक्त हुआ हादसा
हादसे (Bijnor Road Accident) का शिकार हुए लोग मंडावली क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक जलसे में शामिल होने गए थे। इस कार्यक्रम में गांव सराय आलम निवासी प्रसिद्ध हजरत कारी इकबाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। रात करीब 12 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद राहतपुर निवासी सलाउद्दीन, अशफाक और अहतसाम अपनी क्रेटा गाड़ी से हजरत को छोड़ने (Late Night Road Travel) के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला है।
जब मौत के साये में तब्दील हो गया स्मॉग
जैसे ही गाड़ी नांगलसोती के गांव अभिपुरा के पास पहुंची, वहां मौजूद घने स्मॉग ने चालक की आंखों के सामने अंधेरा छा दिया। बेहद कम दृश्यता के कारण चालक को सड़क किनारे खड़ा खाली डंपर दिखाई नहीं दिया। अनियंत्रित कार (Zero Visibility Driving Hazards) की वजह से सीधे डंपर के पिछले हिस्से में समा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और इंजन के परखच्चे उड़कर दूर जा गिरे।
घंटों की मशक्कत और लोहे को काटकर निकले शव
हादसे की गूंज सुनकर आसपास के ग्रामीण कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना घटनास्थल की ओर दौड़े। नजारा इतना भयावह था कि कार डंपर के नीचे बुरी तरह फंस चुकी थी। सूचना पाकर पहुंची नांगलसोती पुलिस ने ग्रामीणों की मदद ली और (Emergency Rescue Operation) शुरू किया। लोहे को काटने वाली मशीनों के जरिए कार के हिस्सों को काटकर घंटों की मेहनत के बाद चारों शवों को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हजरत कारी इकबाल के निधन से शोक की लहर
मृतकों की पहचान सलाउद्दीन, अशफाक, अहतसाम और हजरत कारी इकबाल के रूप में हुई है। हजरत कारी इकबाल इलाके की एक जानी-मानी शख्सियत थे और उनके (Sudden Demise of Cleric) की खबर फैलते ही पूरे बिजनौर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही शव गांव पहुंचे, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर जमा होने लगे हैं।
पुलिस जांच में रफ्तार और लापरवाही आई सामने
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि हादसे की मुख्य वजह कोहरा और जरूरत से ज्यादा रफ्तार थी। पुलिस के अनुसार, रात के वक्त (Traffic Safety Violations) और सड़क किनारे अवैध तरीके से खड़े वाहन भी ऐसी दुर्घटनाओं को दावत देते हैं। डंपर चालक की तलाश की जा रही है क्योंकि कोहरे के दौरान बिना इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के सड़क किनारे वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध है।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी और सुरक्षा अपील
इस हृदयविदारक घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने आम जनता के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि (Winter Fog Safety Guidelines) का पालन करते हुए वाहनों की गति धीमी रखें और फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही, भारी वाहन चालकों को चेतावनी दी गई है कि वे मुख्य मार्गों के किनारे गाड़ी पार्क न करें, वरना उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सर्दी के सितम में सावधानी ही है बचाव
यह दर्दनाक हादसा हमें याद दिलाता है कि सर्दी के मौसम में कोहरा केवल ठंड नहीं, बल्कि सड़कों पर मौत का जाल बनकर भी आता है। (Precautionary Road Measures) अपनाकर ही हम ऐसी अनहोनी को टाल सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पूरा क्षेत्र इस समय गमगीन है और हर कोई इन असमय मौतों पर आंसू बहा रहा है।