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Hydration – कांवड़ यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी से बचने के आसान उपाय

Hydration- सावन के पावन महीने में देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। कई किलोमीटर की पैदल यात्रा, उमस भरा मौसम, तेज धूप और लगातार शारीरिक मेहनत के कारण इस दौरान शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो थकान, चक्कर, कमजोरी और गंभीर मामलों में बेहोशी जैसी स्थिति भी बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि श्रद्धा के साथ-साथ शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना भी सुरक्षित यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डिहाइड्रेशन से क्यों बढ़ता है स्वास्थ्य जोखिम?

लगातार पैदल चलने के दौरान शरीर से पसीने के रूप में बड़ी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते रहते हैं। यदि इसकी भरपाई समय पर नहीं की जाए तो शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति को मुंह सूखना, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसलिए यात्रा के दौरान नियमित रूप से तरल पदार्थ लेना जरूरी माना जाता है।

प्यास लगने का इंतजार न करें

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यात्रा के दौरान केवल प्यास लगने पर ही पानी न पिएं। थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने से शरीर में पानी का स्तर बना रहता है। अपने साथ साफ पानी की बोतल रखना भी एक अच्छी आदत है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी उपलब्ध हो सके।

इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति भी है जरूरी

अधिक पसीना आने से केवल पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम और पोटैशियम जैसे आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में ओआरएस घोल, नींबू पानी, नारियल पानी या डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय का सेवन शरीर को ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है। इससे लंबे समय तक चलने के दौरान कमजोरी की संभावना भी कम हो सकती है।

संतुलित और हल्का भोजन चुनें

यात्रा के दौरान भारी, तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन से बचना बेहतर माना जाता है। इसके बजाय फल, सूखे मेवे, दही, नारियल पानी और हल्का भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ पाचन को भी आसान बनाए रखते हैं। संतुलित आहार लेने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और थकावट कम महसूस होती है।

धूप और गर्मी से करें बचाव

दोपहर के समय तेज धूप में लगातार पैदल चलना शरीर का तापमान बढ़ा सकता है। इसलिए सिर को गमछे या टोपी से ढककर रखें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और जहां संभव हो वहां थोड़ी देर विश्राम करें। इससे लू और अत्यधिक गर्मी से होने वाली परेशानी का खतरा कम किया जा सकता है।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

यदि यात्रा के दौरान चक्कर आने लगें, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, सिरदर्द बढ़ जाए या मुंह लगातार सूखता रहे, तो इसे सामान्य थकान समझकर अनदेखा न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत आराम करें, पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स लें और जरूरत पड़ने पर नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। पहले से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही यात्रा करनी चाहिए।

सुरक्षित यात्रा के लिए रखें ये बातें याद

कांवड़ यात्रा शुरू करने से पहले शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट रखें। अपने साथ पर्याप्त पानी, ओआरएस और आवश्यक दवाएं रखें। मौसम के अनुसार आराम का समय तय करें और जरूरत से ज्यादा शारीरिक दबाव न डालें। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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