ChaitraNavratri – मुजफ्फरपुर में कलश स्थापना के साथ नवरात्रि का हुआ शुभारंभ
ChaitraNavratri – चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार से पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया। इसे वासंतिक नवरात्रि भी कहा जाता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस समय प्रकृति भी अपने नए रूप में नजर आती है, जिससे इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है। देशभर के साथ बिहार में भी नवरात्रि की शुरुआत पर भक्तों में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।

मुजफ्फरपुर में सुबह से मंदिरों में उमड़ी भीड़
मुजफ्फरपुर जिले में नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ हुई। सुबह होते ही शहर के प्रमुख दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। भक्त “जय माता दी” के जयकारों के साथ मंदिरों में पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूरे शहर में भक्ति का माहौल देखने को मिला, जहां लोग परिवार के साथ माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
ब्रह्मपुरा मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
शहर के ब्रह्मपुरा स्थित देवी दुर्गा मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ माता के चरणों में मत्था टेकते नजर आए। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति गीत और मंत्रोच्चार की ध्वनि गूंजती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा।
प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री की आराधना से जीवन में स्थिरता और शक्ति का संचार होता है। भक्त पूरे विधि-विधान के साथ माता की पूजा कर रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
पुजारी ने बताया नवरात्रि का महत्व
ब्रह्मपुरा दुर्गा मंदिर के पुजारी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। यह वह अवधि होती है जब प्रकृति में नव ऊर्जा का संचार होता है, जो मानव जीवन के लिए भी सकारात्मक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा का फल अवश्य मिलता है और माता अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण
नवरात्रि के पहले दिन से ही मुजफ्फरपुर में धार्मिक उत्साह चरम पर है। मंदिरों को सजाया गया है और विभिन्न स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु सुबह से लेकर देर शाम तक माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन भी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।