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CricketSelection – एशेज हार के बाद इंग्लैंड टीम में बड़े बदलावों की हुई शुरुआत

CricketSelection – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में मिली 4-1 की करारी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने टीम ढांचे और चयन प्रक्रिया में अहम बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। लगातार आलोचनाओं के बीच अब बोर्ड ने पहली बार किसी विदेशी क्रिकेटर को राष्ट्रीय चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्कस नॉर्थ को इंग्लैंड का नया राष्ट्रीय चयनकर्ता बनाया गया है। इस फैसले को इंग्लैंड क्रिकेट में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

घरेलू क्रिकेट अनुभव बना नियुक्ति की बड़ी वजह

मार्कस नॉर्थ लंबे समय से इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट सिस्टम से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अलग-अलग काउंटी टीमों के लिए क्रिकेट खेला है और पिछले कई वर्षों से डरहम क्लब में क्रिकेट निदेशक की भूमिका निभा रहे हैं। इसी दौरान उनकी टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स के साथ भी करीबी पेशेवर समझ बनी। इंग्लैंड चयन प्रक्रिया पर लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि काउंटी क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके नहीं मिलते। ऐसे में नॉर्थ की नियुक्ति को घरेलू क्रिकेट को ज्यादा महत्व देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

न्यूजीलैंड सीरीज के लिए बदली हुई टीम

चार जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड ने नई टीम घोषित की है। चयनकर्ताओं ने कुछ बड़े फैसले लेते हुए ओपनर जैक क्राउली और नंबर तीन बल्लेबाज ओली पोप को टीम से बाहर कर दिया है। उनकी जगह युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिनमें एमिलियो गे, जेम्स रियू और सॉनी बेकर शामिल हैं।

जेम्स रियू को इंग्लैंड क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। उनके नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 12 शतक दर्ज हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 221 रन रहा है। माना जा रहा है कि इंग्लैंड अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई बल्लेबाजी इकाई तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

तेज गेंदबाजी विभाग में चुनौती

इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता इस समय तेज गेंदबाजी को लेकर बनी हुई है। अनुभवी गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड संन्यास ले चुके हैं, जबकि क्रिस वोक्स भी अब टीम का हिस्सा नहीं हैं। दूसरी ओर मार्क वुड और ब्रायडन कार्स चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर भी टी20 कार्यक्रमों में व्यस्त होने की वजह से इस टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके।

इन परिस्थितियों में चयनकर्ताओं ने मैथ्यू फिशर और युवा गेंदबाज सॉनी बेकर को मौका दिया है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि युवा खिलाड़ी नई ऊर्जा के साथ गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देंगे। हालांकि अनुभव की कमी टीम के लिए चुनौती भी बन सकती है।

अनुभवी खिलाड़ियों को भी मिला मौका

नई टीम में कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी भी देखने को मिली है। तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को एक बार फिर टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने 2021 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और अब तक 76 विकेट अपने नाम किए हैं।

स्पिन विभाग में रेहान अहमद की वापसी हुई है। वह अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार टेस्ट टीम में लौटे हैं। उनके साथ शोएब बशीर को भी स्पिन विकल्प के तौर पर रखा गया है। इंग्लैंड टीम प्रबंधन संतुलित संयोजन के साथ न्यूजीलैंड के खिलाफ नई शुरुआत करना चाहता है।

बदलावों के जरिए नई दिशा की कोशिश

एशेज सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। अब नए चयनकर्ता, नए खिलाड़ियों और अलग रणनीति के साथ टीम खुद को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लॉर्ड्स टेस्ट से यह साफ हो जाएगा कि इंग्लैंड का यह नया प्रयोग मैदान पर कितना असर छोड़ता है और क्या टीम बदलाव के इस दौर को सफलता में बदल पाती है।

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