LeopardAttack – चमोली के रौता गांव में दिनदहाड़े गुलदार का हमला, युवक घायल
LeopardAttack – उत्तराखंड के चमोली जिले के रौता गांव में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां दिनदहाड़े गुलदार ने एक युवक पर हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब गांव में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के लिए मंच तैयार किया जा रहा था। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तुरंत उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

कथा की तैयारी के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, पोखरी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत रौता में 26 अप्रैल से धार्मिक आयोजन होना है। इसके लिए खडपड़ा तोक में ग्रामीण मिलकर मंच और पंडाल तैयार कर रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब दस बजे काम के दौरान झाड़ियों से निकलकर गुलदार ने अचानक मोहित सिंह (29) पर हमला कर दिया। हमले की अचानकता से वहां मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर हड़कंप मच गया।
युवक ने दिखाई बहादुरी
हमले के दौरान मोहित सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और अपने बचाव के लिए हाथ में मौजूद डंडे से गुलदार का सामना किया। उन्होंने लगातार वार कर खुद को बचाने की कोशिश की। इसी बीच अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिससे गुलदार घबरा कर मौके से भाग गया। हालांकि इस संघर्ष में मोहित गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर पर पंजों और नाखूनों के गहरे घाव आए हैं।
घायल युवक का इलाज जारी
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मोहित को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया और बताया कि युवक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में रही।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
दिन के उजाले में हुए इस हमले के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में डर का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने बच्चों और महिलाओं को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे खतरा लगातार बना हुआ है।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग को इस मामले में सक्रिय कदम उठाने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा ने कहा कि पहले भी विभाग को गुलदार की मौजूदगी की जानकारी दी गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।
वन विभाग ने शुरू की निगरानी
वन विभाग ने घटना के बाद टीम को मौके पर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही जल्द ही पिंजरा लगाने की भी योजना है, ताकि जानवर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।