लाइफ स्टाइल

Skincare – त्वचा की देखभाल में इन तत्वों से बरतें विशेष सावधानी

Skincare – निखरी और स्वस्थ त्वचा पाने की चाहत में लोग आजकल कई तरह के ब्यूटी और स्किन केयर उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाजार में उपलब्ध क्रीम, सीरम, फेस वॉश और अन्य उत्पाद आकर्षक दावे करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी उत्पाद को केवल विज्ञापन के आधार पर चुनना सही नहीं है। कई बार ऐसे उत्पादों में कुछ ऐसे रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं जो शुरुआत में त्वचा पर सकारात्मक असर दिखाते हैं, लेकिन लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए त्वचा की सुरक्षा के लिए उत्पाद खरीदने से पहले उसकी सामग्री को समझना जरूरी माना जाता है।

स्टेरॉयड युक्त क्रीम से हो सकती हैं कई समस्याएं

त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार कुछ क्रीमों में स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है, जिससे त्वचा कुछ समय के लिए अधिक चमकदार और साफ दिखाई दे सकती है। हालांकि लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से त्वचा की प्राकृतिक बनावट प्रभावित हो सकती है। इससे त्वचा पतली होना, बार-बार मुंहासे निकलना और चेहरे पर अनचाहे बाल आने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञ बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसे उत्पादों के उपयोग से बचने की सलाह देते हैं।

मरकरी वाले उत्पादों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत

कुछ स्किन ब्राइटनिंग या रंग निखारने वाले उत्पादों में मरकरी की मौजूदगी को लेकर समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। यह एक विषैला तत्व माना जाता है जो त्वचा के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से त्वचा की रंगत असमान हो सकती है और अन्य स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

हाइड्रोक्विनोन का उपयोग विशेषज्ञ की निगरानी में ही करें

हाइड्रोक्विनोन का उपयोग कुछ विशेष त्वचा संबंधी स्थितियों में डॉक्टरों की सलाह पर किया जाता है। हालांकि इसका अनियंत्रित या लंबे समय तक इस्तेमाल त्वचा पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे कुछ लोगों में त्वचा पर गहरे धब्बों की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए इस तरह के तत्व वाले उत्पादों का उपयोग सोच-समझकर और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

पैराबेन्स को लेकर लगातार होती रही है चर्चा

कई कॉस्मेटिक और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों में पैराबेन्स का उपयोग प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है। हालांकि इनके संभावित प्रभावों को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऐसे उत्पाद चुनने चाहिए जिनमें कृत्रिम प्रिजर्वेटिव की मात्रा कम हो। उत्पाद खरीदते समय सामग्री सूची पढ़ना एक बेहतर आदत साबित हो सकती है।

सल्फेट्स से प्रभावित हो सकती है त्वचा की नमी

सल्फेट्स का इस्तेमाल आमतौर पर फेस वॉश और क्लेंजर जैसे उत्पादों में झाग बनाने के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अधिक मात्रा में मौजूद सल्फेट्स त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं। इसके कारण रूखापन, जलन और लालिमा जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है, उन्हें ऐसे उत्पादों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

उत्पाद चुनने से पहले सामग्री पढ़ना है जरूरी

त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्किन केयर उत्पाद का चयन करते समय केवल उसके दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। सामग्री सूची की जांच करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। सही जानकारी और जागरूकता के साथ चुने गए उत्पाद न केवल त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान से भी बचा सकते हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.