उत्तर प्रदेश

Brij Bhushan Singh – कुश्ती विवाद पर बोले, चुनावी हार के बाद रची गई साजिश…

Brij Bhushan Singh ने कुश्ती संघ से जुड़े पुराने विवाद पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि संघ के चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को हराने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश शुरू की गई। सोमवार को गोंडा के विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के परिवार के दबाव में कुछ महिला पहलवान उनके खिलाफ बोलने के लिए तैयार हुई थीं। हालांकि, ये आरोप बृजभूषण सिंह की ओर से लगाए गए हैं और उन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

महादेव रेसलिंग अकादमी का भी किया जिक्र

बृजभूषण सिंह ने हरियाणा की कुश्ती व्यवस्था और वहां संचालित अकादमियों का उल्लेख करते हुए महादेव रेसलिंग अकादमी को एक परिवार से जुड़ा संस्थान बताया। उनका दावा है कि इस अकादमी की स्थापना में भूपेंद्र हुड्डा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने अदालत में सामने आए ‘एक परिवार, एक अखाड़ा’ से जुड़े निष्कर्ष का भी जिक्र किया। बृजभूषण सिंह ने कहा कि यह निष्कर्ष उनकी ओर से दिए गए किसी बयान पर आधारित नहीं था, बल्कि दो महिला पहलवानों के बयानों को ध्यान में रखकर सामने आया था। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से उनके द्वारा उठाए गए कुछ सवालों को बल मिला है।

पहलवानों के बयानों में अंतर का दावा

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े अलग-अलग स्तर के बयानों में अंतर रहा है। उन्होंने निगरानी समिति के समक्ष दिए गए कथित बयानों, शपथपत्रों और अदालत में रखी गई बातों के बीच अंतर होने का दावा किया।

उन्होंने यह भी कहा कि हिसार और रोहतक के कुछ पहलवानों ने बजरंग पूनिया का नाम और पता दिया था। बृजभूषण सिंह का कहना था कि जिन घटनाओं को लेकर उन पर आरोप लगाए गए, उस समय वह संबंधित पहलवानों के साथ मौजूद नहीं थे।

बिना पुष्टि आरोप लगाए जाने का लगाया आरोप

बृजभूषण सिंह ने दावा किया कि उनके खिलाफ पूरे घटनाक्रम में कई लोग शामिल थे और कुछ उद्योगपतियों की ओर से आर्थिक मदद दिए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया में स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें दुष्कर्म के आरोपी के तौर पर पेश किया गया।

इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने किसी स्वतंत्र जांच या दस्तावेज का विस्तृत विवरण इस बातचीत में नहीं दिया। उनका कहना था कि पूरे मामले को राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।

जूनियर पहलवानों के नियमों को लेकर भी रखी बात

पूर्व कुश्ती संघ अध्यक्ष ने जूनियर पहलवानों से संबंधित प्रतियोगिताओं और चयन प्रक्रिया में किए गए नियमों के बदलाव का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और चयन परीक्षणों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का उद्देश्य जूनियर पहलवानों के हितों को ध्यान में रखना था।

उन्होंने दावा किया कि कुछ चर्चित पहलवान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना सीधे बड़े मुकाबलों में हिस्सा लेना चाहते थे। उनके मुताबिक, नियमों में किए गए बदलाव का विरोध बाद में राजनीतिक रंग ले गया और विवाद कुश्ती व्यवस्था से बाहर तक पहुंच गया।

आंदोलन को लेकर भी बृजभूषण का आरोप

बृजभूषण सिंह ने आरोप लगाया कि बाद के दौर में पहलवानों का आंदोलन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से प्रभावित हो गया। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक खींचतान का असर खेल व्यवस्था के साथ महिला खिलाड़ियों पर भी पड़ा।

विधानसभा चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उनका दावा था कि राज्य में कांग्रेस अपने दम पर मजबूत स्थिति में नहीं है और गठबंधन की स्थिति में वह समाजवादी पार्टी के समर्थन पर निर्भर रह सकती है।

बृजभूषण सिंह के इन बयानों के बाद कुश्ती से जुड़े पुराने विवाद और उसके राजनीतिक पहलुओं पर बहस फिर तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.