स्वास्थ्य

Hydration – बढ़ती गर्मी में जरूरी है डिहाइड्रेशन के संकेतों को समय पर पहचानना…

Hydration – गर्मी का मौसम तेज़ी से असर दिखा रहा है और इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के मामले भी बढ़ रहे हैं। अधिक तापमान और लगातार पसीना निकलने के कारण शरीर से पानी के साथ कई जरूरी खनिज तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। यदि इनकी समय पर भरपाई न की जाए तो स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को अक्सर लोग सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह स्थिति आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।

बार-बार प्यास लगना हो सकता है पहला संकेत

शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे पहले बार-बार प्यास महसूस होती है। यह शरीर का प्राकृतिक संकेत होता है, जो बताता है कि उसे अतिरिक्त तरल पदार्थ की आवश्यकता है। यदि पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाए तो स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ सकती है।

मुंह और होंठों में सूखापन दिखाता है असर

डिहाइड्रेशन का प्रभाव मुंह और होंठों पर भी दिखाई देता है। कई लोगों को मुंह सूखा महसूस होने लगता है, जबकि होंठ फटने या गला सूखने जैसी शिकायतें भी सामने आ सकती हैं। ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

यूरिन के रंग में बदलाव भी देता है संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में यूरिन का रंग हल्का पीला होता है। यदि इसका रंग गहरा पीला या नारंगी दिखाई देने लगे तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत माना जा सकता है। ऐसे में तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना जरूरी हो जाता है।

सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या

जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तब इसका असर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। इससे सिरदर्द, चक्कर आना और एकाग्रता में कमी जैसी दिक्कतें महसूस हो सकती हैं। गर्मी के दिनों में इन लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना

डिहाइड्रेशन की स्थिति में शरीर की ऊर्जा प्रभावित होती है। व्यक्ति बिना अधिक शारीरिक मेहनत किए भी थका हुआ या कमजोर महसूस कर सकता है। यदि आराम के बाद भी यह समस्या बनी रहे तो पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।

त्वचा और हृदय पर भी पड़ सकता है प्रभाव

शरीर में पानी की कमी का असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। त्वचा रूखी, बेजान और कम लचीली महसूस हो सकती है। दूसरी ओर, तरल पदार्थों की कमी होने पर हृदय को रक्त संचार बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन सामान्य से तेज हो सकती है।

कम पसीना आना हो सकता है गंभीर संकेत

अत्यधिक गर्मी के बावजूद यदि शरीर से पर्याप्त पसीना नहीं निकल रहा है, तो यह गंभीर डिहाइड्रेशन की ओर इशारा कर सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।

बचाव के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्मियों में दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, ताजे फल और अन्य प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं। धूप में बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना उपयोगी रहता है। साथ ही कैफीन युक्त और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों का सीमित सेवन करने की सलाह दी जाती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से भी शरीर पर गर्मी का असर बढ़ सकता है, इसलिए नियमित अंतराल पर हल्का और संतुलित आहार लेना फायदेमंद माना जाता है।

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