Temple Administration – राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव की तैयारी, सीईओ नियुक्ति की सिफारिश
Temple Administration – अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले की जांच के बाद मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना है। जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर के संचालन को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की सिफारिश की है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यप्रणाली अधिक संस्थागत रूप ले सकेगी।

जांच रिपोर्ट में प्रशासनिक सुधार पर जोर
सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि देश के अन्य प्रमुख धार्मिक संस्थानों की तरह राम मंदिर में भी एक अधिकृत मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति की जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा होने से वित्तीय और प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
ट्रस्ट की मौजूदा कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
फरवरी 2020 में गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विभिन्न कार्यों का संचालन कर रहा है। अब तक ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका सबसे अधिक सक्रिय रही है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई विवाद भी सामने आए, जिनमें हाल ही में चढ़ावे से जुड़े कथित मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। इसी पृष्ठभूमि में एसआईटी ने प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने का सुझाव दिया है।
सेवारत अधिकारी को जिम्मेदारी मिलने की संभावना
प्रारंभिक चर्चाओं में सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम सामने आने की बातें कही जा रही थीं, लेकिन अब विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से संकेत मिल रहे हैं कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी सेवारत प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। इस पद के लिए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी या राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे विकल्पों पर विचार होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि नियुक्ति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
विस्तृत जांच के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय एसआईटी की विस्तृत जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जा सकता है। इसके बाद नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारी का चयन किस आधार पर होगा और इसकी समयसीमा क्या रहेगी, इस पर अभी मंथन जारी है। प्रशासनिक स्तर पर यह प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में मंदिर प्रबंधन अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो।