Monsoon – देशभर में तेज बारिश का दिखा असर, कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुआ जनजीवन
Monsoon- दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। राजस्थान तथा पंजाब और हरियाणा के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है, लेकिन अनेक स्थानों पर भारी वर्षा ने जनजीवन भी प्रभावित किया है। जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना जताई है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से भारी नुकसान
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठाठरी क्षेत्र में सोमवार रात बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ। तेज बहाव के साथ पहाड़ों से चट्टानें और मलबा नीचे आने से कई मकान, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 10 घर, 25 से अधिक दुकानें और कई वाहन मलबे में दब गए। डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बड़े पत्थरों और मलबे के कारण बंद हो गया है। प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
वायनाड में भूस्खलन, राहत अभियान जारी
केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भूस्खलन की घटना सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है और 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं, कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
महाराष्ट्र और हिमाचल में भी बारिश का असर
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और आसपास के इलाकों में दो दिनों की लगातार बारिश के बाद मौसम में कुछ सुधार देखा गया है और रेल सेवाएं भी सामान्य होने लगी हैं। हालांकि, नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और सुरगाणा क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यहां बादल फटने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड और गड़सा घाटी में बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। निरमंड क्षेत्र में आई बाढ़ से स्थानीय खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिससे एक पुल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा आसपास के खेतों और बागानों में भी क्षति की सूचना मिली है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।
अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह
भारतीय मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले चार से पांच दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभिन्न राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर के मौसम अलर्ट जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।