VoterList – फडणवीस ने मतदाता सूची विवाद पर टीएमसी पर साधा निशाना
VoterList – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर जो विरोध सामने आ रहा है, वह राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होता है। उनके मुताबिक, जिन लोगों के नाम उचित कारणों से हटाए गए हैं, उन्होंने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जबकि विरोध केवल एक विशेष राजनीतिक दल की ओर से किया जा रहा है।

टीएमसी के विरोध पर उठाए सवाल
फडणवीस ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होती, तो प्रभावित लोग स्वयं सामने आते। उन्होंने कहा कि केवल टीएमसी की ओर से विरोध दर्ज कराया जाना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, यह विरोध तथ्यों से ज्यादा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट के रुख का हवाला
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने इस पुनरीक्षण प्रक्रिया पर कुछ टिप्पणियां जरूर की हैं, लेकिन इसे रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया गया। इसके बावजूद, टीएमसी द्वारा इस पूरी प्रक्रिया को रोकने की मांग की जा रही है, जिसे उन्होंने अनुचित बताया।
नियमित अंतराल पर जरूरी है पुनरीक्षण
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मृत, स्थानांतरित या अनधिकृत व्यक्तियों के नाम हटाने के लिए हर दस साल में इस तरह का अभियान चलाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
कानूनी विकल्पों की भी दी जानकारी
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसके पास कानूनी उपाय मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत अपील और पुनर्विचार की पूरी व्यवस्था है, जिससे कोई भी प्रभावित व्यक्ति न्याय प्राप्त कर सकता है।
बंगाली प्रवासियों के मुद्दे पर जवाब
टीएमसी द्वारा भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों पर हमलों के आरोपों को भी फडणवीस ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि पश्चिम बंगाल के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है, तो यह राज्य सरकार के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए।
रोजगार के लिए पलायन पर टिप्पणी
फडणवीस ने कहा कि यह केवल उच्च पदों की बात नहीं है, बल्कि हर स्तर के काम के लिए लोगों को राज्य से बाहर जाना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति बताती है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त अवसर नहीं बन पाए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।