Siddhivinayak Temple – फडणवीस ने पांच साल के रिकॉर्ड की जांच के दिए आदेश
Siddhivinayak Temple – मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर उठे सवालों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंदिर से जुड़े पिछले पांच वर्षों के दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। सरकार का यह कदम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता और राशि के गबन से जुड़े आरोपों के बाद सामने आया है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि चढ़ावे के रूप में प्राप्त धन का लेखा-जोखा किस तरह रखा गया और रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति तो नहीं है।

राज ठाकरे के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि मंदिर में आने वाली दान राशि में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का कथित गबन किया जा रहा है। इन आरोपों के बाद मंदिर प्रशासन और राजनीतिक स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। हालांकि, गबन की वास्तविक राशि और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसी प्रकरण में मंदिर से जुड़े नौ कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री से मिले मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि
अधिकारियों के मुताबिक, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच मंदिर में प्राप्त चढ़ावे से संबंधित विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के निर्देश जारी किए। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान केवल हाल के वर्षों के रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि पिछले पांच वर्षों से जुड़े दस्तावेजों को भी देखा जाएगा। फडणवीस ने संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि सामने आए आरोपों और वित्तीय रिकॉर्ड की स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
एकनाथ शिंदे भी कर चुके हैं स्वतंत्र जांच की मांग
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही इस मामले की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता जता चुके हैं। पिछले महीने उन्होंने अधिकारियों को मामले की जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। शिंदे की मांग के बाद अब मुख्यमंत्री स्तर से मंदिर के रिकॉर्ड की व्यापक पड़ताल का आदेश सामने आया है। इस जांच में चढ़ावे की रकम, उसके रखरखाव और संबंधित दस्तावेजों का मिलान किए जाने की संभावना है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि मंदिर की दान राशि में वास्तव में कोई वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं।
नौ कर्मचारियों की गिरफ्तारी का भी जिक्र
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पहले बताया था कि कथित चोरी के मामले में मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे मामले की जांच को व्यापक स्तर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों के सामने मुख्य चुनौती उपलब्ध रिकॉर्ड और आरोपों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की होगी। फिलहाल सरकार की ओर से जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन से जुड़ी स्थिति सामने आएगी।