Student Protest – रांची में सरकार और छात्रों की वार्ता खत्म, जारी है आंदोलन
Student Protest – रांची में छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को हुई दूसरे दौर की वार्ता समाप्त हो गई है। बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन बातचीत के बाद भी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई। वार्ता समाप्त होने के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने सत्याग्रह जारी रखने की बात कही है। सरकार की ओर से बैठक में चार मंत्री शामिल रहे। वहीं, मंत्री शुद्धिव्य कुमार सोनू ने छात्रों के लिए एक वेबसाइट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से वे अपनी राय और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं।

दूसरे दौर की बातचीत में भी नहीं निकला अंतिम समाधान
सरकार और छात्रों के बीच यह बातचीत एक दिन पहले हुई बैठक के बाद आयोजित की गई। शुक्रवार को हुई पहली वार्ता में छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद शनिवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ दोबारा चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाने और छात्रों की मांगों पर सरकार का रुख स्पष्ट करना था।
हालांकि, वार्ता खत्म होने के बाद तत्काल किसी ऐसे फैसले की जानकारी सामने नहीं आई, जिससे आंदोलन समाप्त होने का रास्ता साफ हो। छात्रों की ओर से सत्याग्रह जारी रखने की घोषणा के बाद अब सरकार की अगली पहल पर नजर बनी हुई है।
10 अगस्त के विधानसभा घेराव पर भी नजर
छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर 10 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण बनी हुई है। छात्रों ने पहले ही कहा है कि यदि उनकी मांगों पर समयसीमा के भीतर समाधान नहीं निकला, तो विधानसभा घेराव का कार्यक्रम किया जाएगा। शनिवार की वार्ता से किसी ठोस सहमति के अभाव में इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
आंदोलन से जुड़े छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच आगे होने वाली बातचीत इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।
सत्याग्रह स्थल पर दो छात्रों की तबीयत बिगड़ी
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे सत्याग्रह के दौरान अनशन पर बैठे दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। दोनों को उपचार के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। आंदोलन में शामिल कुछ अन्य छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति भी खराब होने की बात कही गई है।
लगातार अनशन और आंदोलन के बीच छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति ने भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में बातचीत के जरिए समाधान निकालना आंदोलन के साथ-साथ छात्रों के स्वास्थ्य के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। फिलहाल छात्र प्रतिनिधियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने के संकेत नहीं दिए हैं।
सरकार ने सुझाव भेजने के लिए वेबसाइट का किया जिक्र
वार्ता के दौरान मंत्री शुद्धिव्य कुमार सोनू ने छात्रों को अपनी राय और सुझाव सरकार तक पहुंचाने के लिए एक वेबसाइट का माध्यम बताया। सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य छात्रों से सीधे सुझाव प्राप्त करना बताया गया है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति अभी सामने नहीं आई है।
अब निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और छात्र संगठनों के रुख पर हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत में सहमति बनती है, तो आंदोलन को लेकर स्थिति बदल सकती है। फिलहाल सत्याग्रह जारी है और 10 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर भी तस्वीर आने वाले दिनों में साफ होने की उम्मीद है।