Blood Banks – महाराष्ट्र में ब्लड बैंकों के लिए एफडीए ने जारी किए नए निर्देश
Blood Banks – महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य के सभी ब्लड बैंकों में मरीजों और रक्तदाताओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। नए निर्देशों में रक्त संग्रह से लेकर उसकी जांच, भंडारण, घटक तैयार करने, लेबलिंग और वितरण तक की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के पालन पर जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम निरीक्षण के दौरान सामने आई कुछ कमियों को दूर करने और सभी रक्त केंद्रों में नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

रक्त केंद्रों के लिए लाइसेंस और कानूनी नियम जरूरी
मानव रक्त और उसके घटकों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत दवा की श्रेणी में अधिसूचित किया गया है। इसलिए वैध लाइसेंस के बिना किसी रक्त केंद्र को रक्त एकत्र करने, उसका प्रसंस्करण करने, सुरक्षित रखने या वितरण की अनुमति नहीं है। एफडीए आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक केंद्र को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियम, 1945 में निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का पालन करना होगा। इन नियमों में केंद्र की आधारभूत सुविधाओं से लेकर कर्मचारियों की योग्यता और रक्तदाता के चयन तक कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
रक्त संग्रह से लेकर अपशिष्ट प्रबंधन तक निगरानी
जारी निर्देशों में रक्त संग्रह और परीक्षण की प्रक्रिया के साथ रक्त के विभिन्न घटक तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रक्त घटकों के उचित भंडारण, उनकी सही लेबलिंग और जैव-चिकित्सीय कचरे के सुरक्षित निपटारे के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन करना होगा। इसके अलावा रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले केंद्रों को भी संबंधित नियमों का पालन करना होगा। रक्त केंद्रों को ई-रक्तकोष पोर्टल पर आवश्यक जानकारी रोजाना अद्यतन करने और नियामक प्रावधानों का रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्लड बैंकों में जरूरी सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारी
एफडीए ने रक्त केंद्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। प्रत्येक केंद्र में रक्तदाताओं के लिए परामर्श कक्ष, गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था और रक्त घटक तैयार करने की सुविधा होनी चाहिए। इसके साथ योग्य चिकित्सा अधिकारी, तकनीकी पर्यवेक्षक, ब्लड बैंक तकनीशियन, नर्स और परामर्शदाता जैसे आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। रक्तदाता के चयन के लिए वर्ष 2020 में संशोधित मानदंडों का पालन भी अनिवार्य किया गया है।
हर रक्त इकाई की जरूरी जांच अनिवार्य
रक्त की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक रक्त इकाई की निर्धारित संक्रमणों के लिए जांच करनी होगी। इसमें एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, सिफलिस और मलेरिया की जांच शामिल है। जांच के बाद रक्त और उसके घटकों को निर्धारित तापमान पर ही सुरक्षित रखना होगा, ताकि उनकी गुणवत्ता प्रभावित न हो। जिन रक्त इकाइयों को जांच के दौरान संदिग्ध पाया जाए, उनके लिए अलग संगरोध व्यवस्था उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा।
रिकॉर्ड और सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर
निर्देशों में रक्त बैग की सही लेबलिंग, आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप रक्त घटकों की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। एफडीए के निरीक्षण में कुछ रक्त केंद्रों पर निर्धारित वैधानिक आवश्यकताओं के पालन में कमियां सामने आई थीं। इसके बाद सभी केंद्रों को अपनी मौजूदा व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां कमी मिले, वहां सुधारात्मक कदम उठाकर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। एफडीए का उद्देश्य राज्य के सभी रक्त केंद्रों में रक्त की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का प्रभावी और एकरूप पालन कराना है।