Flower Market – माली समाज ने उठाई बिहार में आधुनिक फूल मंडियों की मांग
Flower Market – बिहार के सभी जिलों में फूल मंडी स्थापित करने और फूलों के रखरखाव से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की मांग को लेकर माली समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर फूल उत्पादकों और कारोबारियों से जुड़े मुद्दों पर जल्द कदम उठाने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि फूल जल्दी खराब होने वाला कृषि उत्पाद है, इसलिए इसके लिए बेहतर भंडारण, परिवहन और बाजार व्यवस्था की जरूरत है। उनका कहना है कि उचित सुविधाओं के अभाव में फूल उत्पादकों और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा फूल कारोबार
प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, बिहार में फूलों की खेती, कारोबार और माला बनाने का काम बड़ी संख्या में परिवारों की आय का साधन है। माली समाज लंबे समय से इस क्षेत्र से पारंपरिक रूप से जुड़ा रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि फूल धार्मिक आयोजनों के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके बावजूद राज्य में फूल उत्पादकों और व्यापारियों के लिए ऐसी संगठित मंडी व्यवस्था नहीं है, जहां उत्पादन से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक की सुविधाएं एक जगह उपलब्ध हों।
उचित कीमत नहीं मिलने की शिकायत
फूलों की प्रकृति ऐसी है कि उन्हें लंबे समय तक सामान्य परिस्थितियों में सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पर्याप्त भंडारण और परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण उत्पादकों को कई बार जल्द बिक्री करनी पड़ती है। ऐसे में बिचौलियों की भूमिका बढ़ जाती है और किसानों तथा छोटे कारोबारियों को उनके उत्पाद का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। प्रतिनिधियों ने कहा कि फूलों के लिए अलग और व्यवस्थित बाजार विकसित होने से उत्पादकों को सीधे बड़े खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।
पटना में आधुनिक फूल मंडी की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पटना में बड़े स्तर पर आधुनिक और सुव्यवस्थित फूल मंडी विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसमें उत्पादकों और थोक कारोबारियों के लिए दुकान और स्टॉल, कोल्ड स्टोरेज तथा आधुनिक शीत श्रृंखला की व्यवस्था की मांग की गई है। इसके अलावा पारदर्शी नीलामी और मूल्य निर्धारण की व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, एक ही परिसर में थोक और खुदरा कारोबार के लिए अलग क्षेत्र होने से व्यापार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
परिवहन और बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
ज्ञापन में फूलों के परिवहन के लिए बेहतर रसद व्यवस्था और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मंडी में पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने फूलों की खरीद-बिक्री में डिजिटल माध्यम के इस्तेमाल तथा बाजार भाव की जानकारी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे कारोबार में पारदर्शिता बढ़ सकती है और उत्पादकों को बाजार की वास्तविक कीमतों की जानकारी मिल सकेगी।
सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध मंडियों की मांग
माली समाज ने केवल पटना तक व्यवस्था सीमित रखने के बजाय राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडियां विकसित करने की मांग की। प्रस्ताव के अनुसार, पटना को राज्य के फूल कारोबार का प्रमुख केंद्र और जिला मुख्यालयों को स्थानीय व्यापार के संगठित केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे स्थानीय उत्पादकों को नजदीकी बाजार मिलने के साथ परिवहन लागत और खराब होने के कारण होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में माली मालाकार कल्याण समिति, पटना के अध्यक्ष मनोज कुमार मालाकार के साथ शत्रुघ्न भक्त मालाकार, पिंटू कुमार मालाकार और पिंकू मालाकार शामिल थे। भाजपा के मीडिया प्रभारी की ओर से कहा गया कि फूल कारोबार को संगठित करने और उसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखी हैं और अब इन प्रस्तावों पर सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।