Maoist Surrender – कोल्हान में दस लाख के इनामी माओवादी ने दो महिला साथियों संग किया आत्मसमर्पण
Maoist Surrender – झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को एक अहम सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ा और दस लाख रुपये का इनामी सालुका कायम उर्फ सालुका, डांगिल, मारू और भुवनेश्वर कायम ने पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। उसके साथ दो महिला माओवादी कैडरों के भी आत्मसमर्पण करने की बात कही जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्र में सुरक्षा बलों की ओर से माओवादी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

सालुका कायम पर घोषित था दस लाख रुपये का इनाम
पुलिस से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सालुका कायम पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरू कायमसाई गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम सोढो कायम बताया गया है। वह माओवादी संगठन के साउथ जोन सेंट्रल कमेटी से जुड़े सक्रिय सदस्य के रूप में सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में रहा है। उसकी गतिविधियों को देखते हुए उस पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आत्मसमर्पण की खबर की आधिकारिक प्रक्रिया और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
शीर्ष माओवादी नेता से करीबी का दावा
सूत्रों के अनुसार, सालुका कायम लंबे समय से माओवादी संगठन में सक्रिय था और उसे शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। हालांकि, उसके संगठन में किस स्तर की भूमिका रही और आत्मसमर्पण के पीछे उसकी व्यक्तिगत वजहें क्या हैं, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। सुरक्षा अभियानों के बढ़ने के साथ संगठन से जुड़े लोगों पर दबाव बढ़ने की बात लगातार सामने आती रही है। इसी पृष्ठभूमि में सालुका के आत्मसमर्पण को कोल्हान क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
लगातार अभियान से माओवादी नेटवर्क पर दबाव
कोल्हान क्षेत्र में पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों की ओर से माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण की घटनाएं भी सामने आई हैं। हाल ही में रांची में 14 माओवादियों के आत्मसमर्पण की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में सक्रिय रहे रवि सरदार समेत तीन माओवादियों की गिरफ्तारी को भी सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया गया था।
सुरक्षा अभियानों के बीच सामने आया नया घटनाक्रम
सालुका कायम के आत्मसमर्पण की सूचना को इसी व्यापक अभियान के क्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से कोल्हान के दुर्गम इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चला रही हैं। ऐसे में किसी इनामी सदस्य का संगठन छोड़कर पुलिस के समक्ष पहुंचना अभियान के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों से संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और क्षेत्र में उसकी मौजूदगी से जुड़ी जानकारी मिलने की संभावना रहती है।
आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
फिलहाल आत्मसमर्पण से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी और दोनों महिला माओवादी सदस्यों की पहचान से संबंधित विवरण सामने आना बाकी है। पुलिस की ओर से आगे की प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सदस्यों से पूछताछ और उनके संगठनात्मक संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकती है। इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियों की निगाह कोल्हान क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों और संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों पर रहेगी।