Floods – लगातार बारिश से असम, गुजरात और महाराष्ट्र में बढ़ी मुश्किलें
Floods – देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं, नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं और कई स्थानों पर तेज बहाव में वाहन बहने की घटनाएं सामने आई हैं। असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

असम के 11 जिले बाढ़ की चपेट में
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोलाघाट, होजई, कामरूप, चराइदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नागांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग और तिनसुकिया में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बाढ़ से 37 राजस्व सर्कल और 883 गांव प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 7.21 लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में आए हैं, जबकि लगभग 25,375 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित, मृतकों की संख्या 47 पहुंची
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले में देखा गया है, जहां करीब 3.75 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव में लगभग 1.86 लाख और जोरहाट में 1.15 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 47 लोगों की जान जा चुकी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना नहीं मिली है।
राहत शिविरों में हजारों लोगों को दी जा रही सहायता
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। वर्तमान में 103 राहत शिविर और 255 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि 24 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में ठहराए गए हैं, जबकि 2.39 लाख से ज्यादा लोगों तक राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाई गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के साथ जिला प्रशासन की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं।
गुजरात में भी बारिश से बिगड़े हालात
गुजरात के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं और नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बनासकांठा जिले के वाव-थराद क्षेत्र के भाभर शहर में भारी बारिश के बाद लाटी बाजार इलाके की कई दुकानों में पानी भर गया। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार राहत कार्य संचालित कर रहा है।
केंद्र ने सहायता का दिया भरोसा, महाराष्ट्र में भी जारी बचाव अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बातचीत कर राज्य के हालात की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से संपर्क कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही। सूरत में एहतियात के तौर पर लगभग 2,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों और शेल्टर होम में पहुंचाया गया है। उधर, महाराष्ट्र के कई कस्बों और गांवों में भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर लोग फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।