Education – नीट सफल छात्रों ने परीक्षा सुधार और त्वरित कार्रवाई का किया समर्थन
Education – देशभर में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर जारी बहस और विरोध प्रदर्शनों के बीच परीक्षा में सफल रहे कई छात्रों ने केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है और दोषियों को जल्द सजा मिलने से भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। उनका मानना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहल सकारात्मक कदम है।

सफल छात्रा ने साझा किया अपना अनुभव
कर्नाटक के हुबली की छात्रा दानेश्वरी सलीमत, जिन्होंने इस वर्ष नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है, ने कहा कि दूसरी बार आयोजित परीक्षा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उनके अनुसार, अब काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और उन्हें मनचाहा कोर्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन जिन छात्रों ने परीक्षा दी और अब प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हैं, उनके लिए व्यवस्था सामान्य रूप से आगे बढ़ रही है।
कार्रवाई को बताया जरूरी कदम
दानेश्वरी का कहना है कि इस बार परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसे वे महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों को भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले का छात्रों ने किया स्वागत
भोपाल के कई छात्रों ने भी पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा का समर्थन किया। छात्र प्रभात, जिन्होंने इस वर्ष नीट परीक्षा दी, ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन तैयारी करते हैं और परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें उनके मनोबल पर गहरा असर डालती हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा होगा तो दोषियों को समय पर सजा मिलेगी और ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा।
दोबारा परीक्षा से छात्रों पर पड़ा मानसिक दबाव
एक अन्य छात्र प्रियांश कुशवाहा ने कहा कि पहली परीक्षा के बाद कई छात्रों को अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की खबर ने अनेक अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से प्रभावित किया। उनके अनुसार, सभी छात्रों के लिए कम समय में दोबारा तैयारी करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और इनके खिलाफ सख्त व त्वरित कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की जताई उम्मीद
छात्रा प्रियांशी ने भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पेपर लीक से जुड़े मामलों में जल्द फैसला आने की संभावना बढ़ेगी। उनका मानना है कि समयबद्ध कार्रवाई से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का विश्वास और मजबूत होगा। छात्रों ने उम्मीद जताई कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आगे भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।