Monsoon – असम से गुजरात तक भारी बारिश, कई राज्यों में बाढ़ और राहत अभियान तेज…
Monsoon – देश के कई राज्यों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। असम, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई इलाकों में आगामी दिनों के लिए भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

असम में बाढ़ से हालात सबसे अधिक गंभीर
असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मृतकों की संख्या 47 तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में छह और लोगों की जान गई। फिलहाल 11 जिलों के 37 राजस्व सर्किल और 883 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या 7.21 लाख से अधिक हो चुकी है। सबसे ज्यादा असर शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में देखा गया है, जहां बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
राहत कार्य जारी, नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। 103 राहत शिविरों में 24 हजार से अधिक विस्थापित लोगों को ठहराया गया है और 255 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है। सेना, वायुसेना और NDRF दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक ड्रोन के जरिए भोजन, पेयजल और दवाइयां पहुंचा रहे हैं। बुर्हीदिहिंग, दिखो, देसांग, धनसिरी और कुशियारा सहित कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा लगभग 25 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।
गुजरात में रिकॉर्ड बारिश से जनजीवन प्रभावित
गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी जिलों में अत्यधिक बारिश के चलते हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। वलसाड जिले के उमरगाम क्षेत्र में 16 घंटे के भीतर 1,100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नवसारी में भी कई लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। भारी बारिश के कारण 300 से अधिक सड़कें बंद हैं और राज्य परिवहन की 200 से ज्यादा बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
एक्सप्रेसवे बंद, केंद्र ने दिया सहयोग का भरोसा
सूरत में अंबिका नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जलस्तर सामान्य होने के बाद ही यातायात बहाल किया जाएगा। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य सरकार को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और राजस्थान में भी अलर्ट
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण तवी, चिनाब और झेलम नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन बंद रहा, जबकि अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं भी फिलहाल स्थगित हैं। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बादल फटने से कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सड़कें बंद हो गईं और बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं मौसम विभाग ने राजस्थान के अजमेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।