ElectionCommission – केरल में स्ट्रांग रूम खोलने पर आयोग का सख्त निर्देश
ElectionCommission – केरल में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चुनाव आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि मतगणना से पहले किसी भी स्थिति में स्ट्रांग रूम नहीं खोला जाएगा। यह निर्देश राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को भेजे गए हैं। हाल के कुछ घटनाक्रमों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखी जा सके।

हाल की घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब कोझिकोड जिले के पेरामब्रा क्षेत्र में स्ट्रांग रूम खोले जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा पलक्कड़ के नेनमारा क्षेत्र में भी इसी तरह की संभावनाओं की चर्चा थी। इन खबरों के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी अधिकारियों को सख्ती से नियमों का पालन करने को कहा है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी बहाने से स्ट्रांग रूम खोलना स्वीकार्य नहीं होगा।
डेटा सत्यापन के नाम पर भी नहीं मिलेगी अनुमति
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इंडेक्स कार्ड तैयार करने या ENCORE पोर्टल पर डेटा की पुष्टि जैसे कार्यों के लिए भी स्ट्रांग रूम खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यहां तक कि बिना सील वाले कमरों में भी प्रवेश से बचने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का मानना है कि इस तरह की किसी भी गतिविधि से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं, इसलिए पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
प्रशासन की ओर से दी गई सफाई
कोझिकोड जिला प्रशासन ने इन खबरों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जिला कलेक्टर और चुनाव अधिकारी स्नेहल कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे को खोला गया था, वह स्ट्रांग रूम नहीं बल्कि एक अलग सामग्री कक्ष था, जो सील नहीं था। उन्होंने कहा कि यह कार्य उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में केवल रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए किया गया था। वहीं, ईवीएम और वीवीपैट मशीनें पूरी तरह सुरक्षित और सीलबंद स्ट्रांग रूम में रखी गई थीं, जिन्हें नहीं खोला गया।
राजनीतिक दलों ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले पर कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं चुनाव नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करती हैं और इससे निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। विपक्ष ने इस मामले की गंभीरता से जांच की मांग भी की है।
4 मई को घोषित होंगे नतीजे
केरल की 140 विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को संपन्न हो चुका है। अब सभी की नजर 4 मई पर टिकी है, जब मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के अनुसार ही पूरी की जाएंगी, ताकि चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता बनी रहे।