Russia Ukraine Missile Strike: आसमान से बरसी तबाही और पुतिन का ‘अजेय’ प्रहार, यूक्रेन को घुटनों पर ला देगा ओरेशनिक मिसाइल का हमला…
Russia Ukraine Missile Strike: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां आधुनिक तकनीक और विनाशकारी हथियारों का तांडव साफ देखा जा सकता है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि यूक्रेन के खिलाफ किए गए हालिया हमले में उन्होंने अपनी सबसे नई और खतरनाक ‘ओरेशनिक’ बैलिस्टिक मिसाइल (Hypersonic Missile Technology) का इस्तेमाल किया है। इस प्रहार ने न केवल कीव की इमारतों को हिला दिया, बल्कि पूरी दुनिया को रूस की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का अहसास करा दिया है। इस भीषण हमले में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

प्राकृतिक गैस के ठिकानों पर विनाशकारी प्रहार
रूसी मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो इस बार का निशाना केवल सैन्य ठिकाने नहीं थे, बल्कि यूक्रेन की ऊर्जा रीढ़ पर हमला किया गया था। बताया जा रहा है कि पश्चिमी लविव क्षेत्र में स्थित एक विशाल भूमिगत प्राकृतिक गैस भंडारण (Energy Infrastructure Attacks) को इस मिसाइल ने अपना लक्ष्य बनाया। रूस का दावा है कि यह कार्रवाई पिछले महीने क्रेमलिन पर हुए कथित यूक्रेनी ड्रोन हमले का करारा जवाब है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस दावे को लेकर अलग-अलग राय है, लेकिन जमीन पर तबाही के निशान साफ गवाही दे रहे हैं कि रूस अब यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने पर आमादा है।
ओरेशनिक की रफ्तार और पुतिन की खुली चुनौती
मिसाइल विज्ञान के इतिहास में ओरेशनिक को एक ऐसा हथियार माना जा रहा है जिसका कोई तोड़ फिलहाल किसी देश के पास नहीं है। लगभग 13,000 किलोमीटर प्रति घंटे की अविश्वसनीय गति (Mach 10 Speed) से चलने वाली यह मिसाइल पलक झपकते ही अपने लक्ष्य को राख में तब्दील कर देती है। राष्ट्रपति पुतिन का दावा है कि इसके मल्टीपल वारहेड्स को दुनिया का कोई भी डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्ट नहीं कर सकता। सबसे डरावनी बात यह है कि यह मिसाइल पारंपरिक विस्फोटकों के साथ-साथ परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है, जो इस युद्ध को एक परमाणु आपदा की ओर धकेलने का संकेत दे रही है।
कीव में मची चीख-पुकार और अपनों को खोने का दर्द
राजधानी कीव में हुए इस हमले ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जान गंवाने वालों में एक आपातकालीन मेडिकल कार्यकर्ता भी शामिल है, जो दूसरों की जान बचाते हुए खुद काल के गाल में समा गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के दौरान पांच बचावकर्मी (War Casualties in Ukraine) भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हमले के बाद कीव के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया है और पीने के पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है। सर्द रातों में बिना बिजली और पानी के रह रहे नागरिक अब केवल इस खौफनाक मंजर के खत्म होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
रिहायशी इलाकों पर ड्रोन और मिसाइलों का दोहरा हमला
रूस ने केवल बैलिस्टिक मिसाइलों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि रिहायशी इलाकों में ड्रोन के जरिए भी तबाही मचाई है। कीव के डेसन्यांस्की जिले में एक ड्रोन सीधे बहुमंजिला इमारत की छत पर जा गिरा, जिससे वहां भीषण आग लग गई। वहीं डनिप्रो जिले में भी नागरिक संपत्तियों को (Civilian Impact of War) भारी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों ने यह साफ कर दिया है कि युद्ध की इस आग में अब आम नागरिक और उनके घर सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। इमारतों से उठता धुआं और लोगों की बदहवासी इस बात का सबूत है कि रूस अब मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की की चेतावनी और मौसम की मार
हमले से महज कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने देश को आगाह किया था कि रूस एक बड़ा हमला करने की फिराक में है। जेलेंस्की का मानना है कि रूस यूक्रेन के बर्फीले और सर्द मौसम (Winter Warfare Strategy) का फायदा उठाकर सैन्य बढ़त हासिल करना चाहता है। जमा देने वाली ठंड और फिसलन भरी सड़कों के बीच बिजली संकट पैदा करना यूक्रेन के लोगों के मनोबल को तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश है। जेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे रूस के इस क्रूर व्यवहार के खिलाफ एकजुट हों, वरना आने वाला समय पूरे यूरोप के लिए संकटकारी हो सकता है।
पश्चिम का रुख और डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
इस विनाशकारी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। रूस ने जहां इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी नेतृत्व ने रूस के इन तर्कों को पूरी तरह (Global Political Response) सिरे से खारिज कर दिया है। लविव के मेयर ने इसे यूक्रेन के अस्तित्व पर हमला करार दिया है। दुनिया भर के रणनीतिकार अब इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या ओरेशनिक मिसाइल का उपयोग युद्ध के नियमों को हमेशा के लिए बदल देगा या यह केवल रूस की एक हताशा भरी कार्रवाई है।
अनिश्चित भविष्य और सुलझते-उलझते सवाल
जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है, समाधान की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं। ओरेशनिक जैसे घातक हथियारों का प्रवेश यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और भी हिंसक होगा। यूक्रेन की जनता के लिए (Humanitarian Crisis in Kiev) यह समय धैर्य और साहस की अग्निपरीक्षा जैसा है। क्या विश्व शक्तियां हस्तक्षेप कर इस विनाश को रोक पाएंगी या ओरेशनिक की गूंज अभी और कई शहरों को श्मशान में तब्दील करेगी? यह सवाल आज पूरी दुनिया के सामने खड़ा है, जिसका जवाब केवल समय के गर्भ में छिपा है।



