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CrimeNews – चीन में सहपाठी की हत्या मामले में किशोर को उम्रकैद

CrimeNews – चीन की एक अदालत ने 14 वर्षीय किशोर को अपनी सहपाठी के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत का है, जहां आरोपी छात्र को गंभीर अपराधों का दोषी पाया गया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटना बेहद संवेदनशील और गंभीर प्रकृति की थी, जिसके चलते कड़ी सजा जरूरी थी।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी और पीड़िता एक ही स्कूल में पढ़ते थे। घटना पिछले वर्ष जुलाई में हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी 15 वर्षीय सहपाठी को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में मामले के उजागर होने के डर से उसने कथित तौर पर छात्रा की हत्या कर दी।

अदालत ने अपराध को बताया बेहद गंभीर

कुजिंग की जन अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और जानबूझकर हत्या के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। अदालत के अनुसार, दोनों अपराधों की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त रूप से सजा सुनाना आवश्यक था।

फैसले में कहा गया कि घटना के सामाजिक और मानसिक प्रभाव अत्यंत गंभीर हैं। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी की हरकतों ने पीड़ित परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। न्यायालय ने अपराध की परिस्थितियों को “अत्यंत जघन्य” श्रेणी में रखा।

उम्र कम होने के कारण नहीं दी गई मौत की सजा

हालांकि अदालत ने अपराध को गंभीर माना, लेकिन आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए उसे मृत्युदंड नहीं दिया गया। चीनी कानून के तहत अपराध के समय 18 वर्ष से कम उम्र के आरोपी को कुछ मामलों में विशेष कानूनी संरक्षण मिलता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को बीते वर्ष जुलाई में हिरासत में लिया था। शुरुआती जांच के बाद हत्या के आरोप में उसे पकड़ा गया और बाद में दुष्कर्म से जुड़े आरोप भी औपचारिक रूप से जोड़े गए। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी।

मामले ने किशोर अपराध पर बढ़ाई बहस

इस घटना के बाद चीन में किशोर अपराध और स्कूल सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों ने कहा है कि कम उम्र में बढ़ती हिंसक घटनाएं समाज और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर अपराधों में नाबालिग आरोपियों के लिए कानून और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। वहीं बाल अधिकारों से जुड़े समूहों ने कहा कि ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक माहौल और सामाजिक परिस्थितियों की भी गहन जांच जरूरी होती है।

पुलिस जांच के बाद हुआ था खुलासा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ाई गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और किशोरों से जुड़े मामलों को लेकर स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाई थी। अदालत के फैसले के बाद यह मामला चीन में न्यायिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन गया है।

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