RailSecurity – सराय स्टेशन के पास संदिग्ध कैमरा मिलने से बढ़ी सतर्कता
RailSecurity – बिहार के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर स्थित सराय स्टेशन के समीप एक संदिग्ध कैमरा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। समपार फाटक संख्या 43 सी स्पेशल के पास लगे सिग्नल टावर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित कैमरा लगाए जाने की सूचना ने रेलवे सुरक्षा तंत्र में हलचल बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह कैमरा सोलर सिस्टम से संचालित था और इंटरनेट के माध्यम से दूर से नियंत्रित किया जा रहा था।

घटना की जानकारी गुमटी पर तैनात कर्मचारी द्वारा स्टेशन प्रशासन को दी गई। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस और एसटीएफ की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं।
संदिग्ध युवक ने खुद को बताया था एनजीओ कर्मी
स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, एक युवक फाटक के पास पहुंचा था और उसने खुद को किसी एनजीओ से जुड़ा व्यक्ति बताया। उसने सिग्नल टावर पर कैमरा लगाया और कुछ ही देर में वहां से चला गया। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर गुमटीमैन ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी।
स्टेशन मास्टर ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल को जानकारी दी। इसके बाद मामला जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचा। अधिकारियों ने कैमरे को हटाकर तकनीकी जांच शुरू कर दी।
तकनीकी जांच में कई अहम जानकारियां
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कैमरे में 4G सिम लगा हुआ था और यह इंटरनेट के जरिए संचालित हो रहा था। कैमरा रात में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग करने में सक्षम था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि डिवाइस को दूर बैठा व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से नियंत्रित कर रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कैमरे से कुछ रिकॉर्डिंग भी प्राप्त हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसकी तकनीकी जांच जारी है और डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग दोनों पर नजर रखने की क्षमता को देखते हुए एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं।
कई एजेंसियां जांच में जुटीं
मामले की सूचना रेलवे मुख्यालय तक भेज दी गई है। पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है। हाजीपुर और मुजफ्फरपुर की पुलिस टीमों के साथ रेलवे विशेषज्ञ भी जांच प्रक्रिया में शामिल हैं।
जांच एजेंसियां आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही हैं ताकि कैमरा लगाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधि रेलवे सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हो सकती है, इसलिए हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी निगरानी
घटना के बाद रेलखंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कैमरा किस उद्देश्य से लगाया गया था और इसके पीछे कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।