AccidentNews – खेलते समय पानी भरे गड्ढे में डूबीं दो मासूम बहनें
AccidentNews – सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र के जितवारपुर गांव में रविवार को एक बेहद दुखद हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। घर के बाहर खेल रहीं दो छोटी बच्चियों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत बच्चियों की पहचान छह वर्षीय नेहा कुमारी और पांच वर्षीय जूही कुमारी के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में चचेरी बहनें थीं और अक्सर साथ खेलती थीं।

खेलते-खेलते पहुंच गईं गहरे गड्ढे के पास
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, रविवार दोपहर दोनों बच्चियां घर के बाहर खेल रही थीं। खेलते हुए वे घर के सामने लगे लीची के पेड़ के पास चली गईं। वहीं पास में मकान निर्माण के लिए पहले से एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश और आसपास का पानी जमा था। आशंका जताई जा रही है कि खेल के दौरान दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे पानी से भरे उसी गड्ढे में गिर गईं।
घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसी वजह से काफी देर तक किसी को इस हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी। दोनों बच्चियां काफी समय तक घर नहीं लौटीं तो परिवार के लोगों को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू की गई।
तलाश के दौरान सामने आया दर्दनाक दृश्य
परिजन और ग्रामीण आसपास के इलाकों में बच्चियों को खोजने लगे। इसी दौरान घर के सामने बने गड्ढे में दोनों बच्चियां डूबी हुई दिखाई दीं। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत बाहर निकाला गया और इलाज के लिए परसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव के लोग भी अस्पताल पहुंच गए और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने लगे।
गांव में छाया मातम, स्कूल में भी शोक
एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की अचानक मौत से पूरे जितवारपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चियां बेहद चंचल स्वभाव की थीं और हमेशा साथ नजर आती थीं। नेहा गांव के स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ती थी, जबकि जूही दूसरी कक्षा की छात्रा थी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक और आसपास के लोग भी परिवार से मिलने पहुंचे। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों ने इस हादसे को बेहद दर्दनाक बताया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे खुले और खतरनाक गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की थी। हालांकि, परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद बच्चियों के शव परिजन अपने घर वापस ले गए।
ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। मासूम बच्चियों की असमय मौत से हर किसी की आंखें नम हैं। गांव में देर रात तक शोक और संवेदना जताने वालों का तांता लगा रहा।