बिहार

ExtortionCase – जदयू विधायक से 50 हजार की मांग, एफआईआर दर्ज

ExtortionCase – बिहार में एक जनप्रतिनिधि से कथित तौर पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। अरवल जिले के कुर्था विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड के विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सोशल मीडिया के जरिए धमकी का आरोप

विधायक का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने फेसबुक के माध्यम से न सिर्फ अभद्र टिप्पणियां कीं, बल्कि धमकी भरे संदेश भी भेजे। उनका कहना है कि इन संदेशों में पैसे की मांग की गई और इनकार करने पर बदनाम करने की चेतावनी दी गई। विधायक के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

तीन लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी

शहर तेलपा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में तीन व्यक्तियों को नामजद किया गया है। इनमें प्रवीण कुमार यादव, रविंद्र गोप और अवधेश यादव के नाम शामिल हैं। पुलिस ने विधायक की लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार मामला केस नंबर 20/26 के तहत पंजीकृत किया गया है और आगे की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने शुरू की जांच

थाना अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बताया कि विधायक की ओर से मिली शिकायत में गाली-गलौज, अभद्र भाषा और धमकी देकर 50 हजार रुपये मांगने की बात कही गई है। प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए संदेशों की भी जांच की जा रही है ताकि आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सके।

एसपी ने दी कार्रवाई की जानकारी

अरवल की पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी ने पुष्टि की है कि विधायक की शिकायत पर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्य और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के जरिए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और सतर्कता

हालांकि इस मामले पर पार्टी स्तर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे गंभीरता से देखा जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर माध्यम से की जाने वाली धमकियों को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाता है, जितना किसी अन्य आपराधिक कृत्य को।

फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोप सिद्ध होने या न होने का निर्णय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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