Expressway – लखनऊ-कानपुर हाईस्पीड मार्ग आज से शुरू, सफर होगा और तेज
Expressway – उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने वाला नया एक्सप्रेसवे आज आम लोगों के लिए समर्पित किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। लगभग 3,600 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस आधुनिक मार्ग का उद्देश्य यात्रा समय कम करने के साथ सुरक्षित और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है एक्सप्रेसवे
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इसके चालू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा लगभग 30 से 35 मिनट में पूरी की जा सकेगी। परियोजना के तहत चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास तैयार किए गए हैं, जिससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित रहेगा।
कई जिलों को मिलेगा बेहतर संपर्क
यह एक्सप्रेसवे केवल लखनऊ और कानपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीतापुर, हरदोई, अयोध्या और सुल्तानपुर जैसे जिलों से आने-जाने वाले लोगों को भी तेज संपर्क सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों, औद्योगिक परिवहन और दैनिक आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
मार्ग पर आधुनिक Traffic Management System लगाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पूरे एक्सप्रेसवे पर 63 CCTV कैमरे और 16 Video Incident Detection System स्थापित किए गए हैं। इनकी मदद से दुर्घटना या किसी अन्य घटना की जानकारी तत्काल कंट्रोल सेंटर तक पहुंचेगी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल को मौके पर भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति में लगभग 15 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
टोल शुल्क भी किया गया निर्धारित
एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले निजी वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि वाहन चालक 24 घंटे के भीतर वापसी करते हैं तो उन्हें 415 रुपये का शुल्क देना होगा। हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 445 रुपये और उसी दिन वापसी पर 670 रुपये तय किया गया है। वहीं बस और ट्रक जैसी भारी वाहनों के लिए एक तरफ का शुल्क 935 रुपये तथा 24 घंटे के भीतर लौटने पर 1,405 रुपये निर्धारित किया गया है।
यात्रा समय में होगी बड़ी बचत
परियोजना के शुरू होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में कम समय में गंतव्य तक पहुंचने का लाभ मिलेगा। साथ ही नियंत्रित प्रवेश, आधुनिक निगरानी प्रणाली और बेहतर सड़क डिजाइन के कारण यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होने की भी उम्मीद जताई जा रही है।