HealthyDiet – शाम के बाद खानपान में ये सावधानियां रखकर पाचन और नींद को रखें बेहतर
HealthyDiet- स्वस्थ जीवनशैली केवल संतुलित भोजन पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि भोजन करने का समय भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिन ढलने के बाद शरीर की ऊर्जा जरूरतों और पाचन प्रक्रिया में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है। ऐसे में रात के समय भारी, तैलीय या अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कुछ लोगों में पाचन, नींद और वजन से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है।

हर व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार भोजन का सही समय और उसकी मात्रा व्यक्ति की दिनचर्या, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और काम के प्रकार पर निर्भर करती है। यदि किसी कारण से रात का भोजन देर से करना पड़ता है, तो हल्का और संतुलित आहार बेहतर विकल्प माना जाता है। इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और शरीर को भोजन पचाने में भी आसानी होती है।
तली हुई चीजों से दूरी रखना बेहतर
समोसा, कचौड़ी, पकोड़े, फ्रेंच फ्राइज और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थों में वसा की मात्रा अधिक होती है। शाम या रात में इनका सेवन करने से कुछ लोगों को गैस, अपच, पेट भारी रहने या एसिडिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए रात के भोजन में हल्के विकल्प चुनना अधिक लाभकारी माना जाता है।
ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ करें सीमित
केक, पेस्ट्री, मिठाइयां, चॉकलेट और शर्करा युक्त पेय पदार्थ रात में अधिक मात्रा में लेने से रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से बदलाव आ सकता है। इससे देर रात भूख लगने की संभावना बढ़ सकती है और नियमित रूप से ऐसा करने पर वजन बढ़ने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना उचित माना जाता है।
कैफीन और मसालेदार भोजन का रखें ध्यान
चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन कई लोगों की नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को देर से नींद आने या बार-बार नींद टूटने की समस्या रहती है, उनके लिए शाम के बाद कैफीन कम करना फायदेमंद हो सकता है। इसी तरह अत्यधिक मसालेदार भोजन कुछ लोगों में सीने में जलन, एसिडिटी और अपच की शिकायत बढ़ा सकता है।
सॉफ्ट ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड भी बन सकते हैं कारण
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और शुगर युक्त सॉफ्ट ड्रिंक पेट में गैस, ब्लोटिंग और अतिरिक्त कैलोरी का कारण बन सकते हैं। वहीं चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और अन्य प्रोसेस्ड फूड में अधिक नमक, ट्रांस फैट और प्रिजर्वेटिव पाए जा सकते हैं। इनका नियमित और अधिक सेवन लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
फलों का सेवन भी संतुलित मात्रा में करें
फल पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन रात के समय बहुत अधिक मात्रा में मीठे फल खाने से कुछ लोगों में पाचन संबंधी असहजता महसूस हो सकती है। साथ ही रक्त शर्करा पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसलिए मात्रा का ध्यान रखते हुए फल खाना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
शाम के भोजन में क्या हो सकता है बेहतर विकल्प
विशेषज्ञ हल्की दाल, मौसमी सब्जियां, सलाद, सूप, मूंग दाल का चीला, ओट्स, दलिया और सीमित मात्रा में सूखे मेवों को शाम या रात के भोजन के लिए उपयुक्त विकल्प मानते हैं। यदि दही आपके स्वास्थ्य के अनुसार उपयुक्त है और डॉक्टर ने कोई परहेज नहीं बताया है, तो इसे भी सीमित मात्रा में भोजन में शामिल किया जा सकता है। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या बेहतर पाचन के साथ अच्छी नींद बनाए रखने में मदद कर सकती है।