VoterList – मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर आयोग को सौंपा गया मांग पत्र
VoterList- झारखंड में जारी विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम ने राज्य के चुनाव आयुक्त के. रवि कुमार को मांग पत्र सौंपा है। इसमें पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान विभिन्न जिलों से मिल रही शिकायतों का उल्लेख करते हुए कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए हैं। उनका कहना है कि कुछ क्षेत्रों में कार्य सुचारु रूप से चल रहा है, लेकिन कई जिलों में मतदाताओं तक निर्धारित प्रक्रिया का लाभ पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है।

कई जिलों से मिलीं प्रक्रिया संबंधी शिकायतें
मांग पत्र के अनुसार, विशेष रूप से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग बहुल क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि कई मतदाताओं तक गणना प्रपत्र नहीं पहुंचा है। कुछ स्थानों पर बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) द्वारा जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं तक समय पर प्रपत्र पहुंचाने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
समय सीमा बढ़ाने का किया गया अनुरोध
आयोग ने वर्तमान प्रगति को देखते हुए SIR अभियान की निर्धारित समय सीमा 29 जुलाई से बढ़ाकर कम से कम 15 अगस्त तक करने की मांग की है। मांग पत्र में कहा गया है कि इससे मतदाताओं को आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। साथ ही सभी BLO को घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित करने और नागरिकों की सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने का भी सुझाव दिया गया है।
पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
मांग पत्र में कहा गया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम उचित जांच और पूर्व सूचना के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए विशेष सहायता शिविर आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। आयोग ने दावे और आपत्तियों के त्वरित तथा निष्पक्ष निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया है।
चुनाव आयुक्त ने पारदर्शिता का दिया भरोसा
राज्य के चुनाव आयुक्त के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी प्रक्रिया में अनियमितता करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रहेगा, जबकि अपात्र व्यक्तियों के नाम नियमों के अनुसार शामिल नहीं किए जाएंगे।