CBSEResult – रांची की छात्रा भव्या रंजन ने देशभर में हासिल किया पहला स्थान
CBSEResult – सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में झारखंड की राजधानी रांची की छात्रा भव्या रंजन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। आर्ट्स स्ट्रीम की छात्रा भव्या ने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने स्कूल बल्कि पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार, शिक्षकों और स्कूल परिसर में उत्साह का माहौल है। ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या की सफलता अब पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बनी हुई है।

नियमित दिनचर्या और लगातार मेहनत बनी सफलता की वजह
परिणाम सामने आने के बाद भव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासित जीवनशैली और लगातार पढ़ाई को दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने समय का विशेष ध्यान रखा और हर विषय को योजनाबद्ध तरीके से पढ़ा। भव्या रोजाना स्कूल जाती थीं और लगभग आठ घंटे नियमित अध्ययन करती थीं।
उनका कहना है कि केवल लंबे समय तक पढ़ना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि पढ़ाई को सही तरीके से समझना और लगातार अभ्यास करना भी उतना ही अहम है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें हर चरण में प्रेरित किया। परीक्षा के दौरान उन्होंने तनाव से दूर रहते हुए आत्मविश्वास बनाए रखा।
परिवार ने हर कदम पर किया प्रोत्साहित
भव्या की मां विकी गांधी पेशे से शिक्षिका हैं और उसी स्कूल में पढ़ाती हैं, जहां भव्या ने अपनी पढ़ाई पूरी की। पिता राजीव रंजन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। बेटी की सफलता पर दोनों बेहद भावुक नजर आए। परिवार के मुताबिक भव्या बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं और हर कक्षा में उनका प्रदर्शन बेहतर रहा है।
मां ने बताया कि उन्हें हमेशा भरोसा था कि भव्या अच्छे अंक लाएगी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी। वहीं पिता ने कहा कि बच्चों को यदि सकारात्मक माहौल और सही दिशा मिले तो वे किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। परिवार ने इस उपलब्धि को पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
स्कूल में खुशी का माहौल, शिक्षकों ने जताया गर्व
ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में परिणाम घोषित होने के बाद शिक्षकों और विद्यार्थियों में खुशी देखी गई। स्कूल प्रबंधन ने भव्या की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शिक्षकों का कहना है कि भव्या हमेशा शांत स्वभाव और पढ़ाई के प्रति गंभीर दृष्टिकोण रखने वाली छात्रा रही हैं।
स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि वह कक्षा में हमेशा सक्रिय रहती थीं और विषयों को गहराई से समझने की कोशिश करती थीं। यही कारण रहा कि उन्होंने परीक्षा में लगभग पूर्ण अंक हासिल किए। स्कूल प्रशासन ने इसे आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
अब सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य
भव्या रंजन ने अपनी आगे की योजनाओं को लेकर कहा कि उनका सपना सिविल सेवा में जाना है। वह भविष्य में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अंक हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के लिए कुछ बेहतर करने की सोच भी जरूरी है।
परिवार और शिक्षकों को विश्वास है कि भव्या आगे भी इसी तरह मेहनत करती रहेंगी और बड़े स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल करेंगी। उनकी सफलता ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों को यह संदेश दिया है कि नियमित प्रयास और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है।