Tribute – कल्याण बिगहा पहुंचे नीतीश कुमार ने पत्नी को दी श्रद्धांजलि
Tribute – बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे। मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह उनका पहला गांव दौरा था। इस अवसर पर उनकी पत्नी स्वर्गीय मंजू कुमारी की 19वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उनके पुत्र निशांत कुमार और बड़े भाई सतीश कुमार भी मौजूद रहे। गांव में उनके आगमन को लेकर समर्थकों और स्थानीय लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

गांव पहुंचते ही नीतीश कुमार ने सबसे पहले स्थानीय देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ निशांत कुमार ने भी मंदिर में माथा टेका। इसके बाद दोनों ‘राम लखन सिंह स्मृति वाटिका’ पहुंचे, जहां परिवार के दिवंगत सदस्यों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वातावरण भावुक हो गया और कई पुराने सहयोगी भी मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जुटे कई नेता
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त किया। स्मृति वाटिका परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था और श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
नीतीश कुमार के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और ग्रामीण वहां जमा हो गए। परिसर के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही और कई लोग अपने नेता की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। इस दौरान समर्थकों ने नारे भी लगाए।
ग्रामीणों से मुलाकात और समस्याएं सुनीं
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार ने वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की। कई ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों की बातें ध्यान से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही। स्थानीय लोगों का कहना था कि पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों में रुचि ले रहे हैं।
इस दौरान निशांत कुमार भी लोगों के बीच सक्रिय दिखाई दिए। उन्होंने ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की, जिससे राजनीतिक हलकों में उनकी बढ़ती सक्रियता को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गईं।
पैतृक घर पहुंचे नीतीश और निशांत
कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार और उनके पुत्र निशांत स्मृति वाटिका स्थित तालाब पहुंचे, जहां उन्होंने मछलियों को दाना खिलाया। इसके बाद दोनों अपने पैतृक आवास गए। जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार कुछ समय वहां रुकने के बाद पटना लौट गए, जबकि निशांत कुमार गांव में अधिक देर तक रुके और स्थानीय लोगों से संवाद करते रहे।
गांव के लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री का अपने गांव से जुड़ाव पहले जैसा ही बना हुआ है। कई ग्रामीणों ने इसे भावनात्मक और पारिवारिक यात्रा बताया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गांव और कार्यक्रम स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार का जनसंपर्क और सामाजिक उपस्थिति बनी हुई है। उनके इस दौरे को राजनीतिक और भावनात्मक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।