उत्तर प्रदेश

PotatoMarket – यूपी में शुरू हुई आलू किसानों को राहत देने की नई तैयारी

PotatoMarket – उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड आलू उत्पादन के बाद किसानों को हो रही परेशानी को कम करने के लिए सरकार ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में कोल्ड स्टोर भर चुके हैं और बड़ी मात्रा में आलू खेतों में पड़ा हुआ है। ऐसे में अब दूसरे राज्यों और विदेशों में आलू भेजने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सकें और फसल बर्बाद होने से बचाई जा सके।

प्रदेश में इस साल लगभग 246 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन हुआ है। फर्रुखाबाद, कन्नौज, आगरा और फिरोजाबाद जैसे प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि भंडारण क्षमता सीमित होने और बाजार में मांग कम रहने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा यूपी का आलू

स्थिति को देखते हुए उद्यान विभाग ने उन राज्यों से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है जहां आलू का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता है। इनमें राजस्थान, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। इसके अलावा दमन-दीव और दादरा नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी आपूर्ति बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

सरकारी स्तर पर यह कोशिश की जा रही है कि अतिरिक्त उत्पादन वाले क्षेत्रों से सीधे मांग वाले बाजारों तक आलू पहुंचाया जाए। इससे किसानों को स्थानीय मंडियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।

नेपाल और श्रीलंका को निर्यात की तैयारी

राज्य सरकार घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के विकल्पों पर भी जोर दे रही है। नेपाल में पहले से उत्तर प्रदेश का आलू भेजा जा रहा है और अब इसकी मात्रा बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा श्रीलंका और कुछ खाड़ी देशों में भी संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। यदि निर्यात के रास्ते मजबूत होते हैं तो आने वाले समय में किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

अगले सीजन के लिए बनेगी संयुक्त योजना

सरकार अब केवल मौजूदा संकट तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अगले सीजन के लिए भी पहले से तैयारी की जा रही है। कृषि, उद्यान, विपणन और प्रसंस्करण विभाग मिलकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसका मकसद यह रहेगा कि बुवाई के समय ही संभावित मांग और खपत का आकलन कर लिया जाए।

इस योजना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और आगरा में स्थापित हो रहे इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर के क्षेत्रीय केंद्र की भी मदद ली जाएगी। विशेषज्ञों की राय के आधार पर उत्पादन, भंडारण और विपणन की बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

कोल्ड स्टोर क्षमता पर भी बढ़ा दबाव

प्रदेश में इस समय 2363 कोल्ड स्टोर संचालित हैं और इस वर्ष 131 नए कोल्ड स्टोर भी शुरू किए गए हैं। कुल भंडारण क्षमता करीब 202 लाख मीट्रिक टन है, जबकि अब तक लगभग 172 लाख मीट्रिक टन आलू स्टोर किया जा चुका है। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में फसल खुले में पड़ी हुई है।

उद्यान निदेशक बीपी राम ने कहा कि किसानों की स्थिति को देखते हुए विभाग लगातार सक्रिय है। उनका कहना है कि अगले साल ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।

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