UPPoliceRecruitment – एक लाख भर्ती की तैयारी, सीएम योगी ने दिए संकेत
UPPoliceRecruitment – उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं के लिए अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही बड़े स्तर पर नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष करीब एक लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। साथ ही हाल ही में विभिन्न पदों पर हुई भर्तियों और परीक्षाओं का भी उल्लेख किया गया।

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर विभाग से जुड़ी एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें आधुनिक पुलिस व्यवस्था और तकनीकी बदलावों को दिखाया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके नए दायित्वों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हाल के वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब चयन केवल योग्यता और निर्धारित नियमों के आधार पर होता है। अभ्यर्थियों से अपेक्षा जताई गई कि वे ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दें और पुलिस बल की छवि को मजबूत करें।
पुराने सिस्टम पर उठाए सवाल
सीएम योगी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने संकेत दिया कि पहले चयन में पारदर्शिता की कमी और अन्य समस्याएं थीं, लेकिन अब व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। उनके अनुसार, वर्तमान प्रणाली में किसी प्रकार की सिफारिश या आर्थिक लेनदेन की गुंजाइश नहीं है।
बीते वर्षों में भर्ती का आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती की जा चुकी है। हाल ही में 60 हजार से ज्यादा आरक्षियों की पासिंग आउट परेड भी संपन्न हुई, जिसके बाद वे विभिन्न जिलों में तैनात किए जा रहे हैं। इसे राज्य पुलिस बल के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशिक्षण और संसाधनों में विस्तार
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण सुविधाओं में पहले की तुलना में काफी वृद्धि हुई है। जहां पहले सीमित संख्या में ही पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता था, वहीं अब बड़ी संख्या में एक साथ प्रशिक्षण संभव हो पाया है। इससे नई भर्तियों को समयबद्ध तरीके से तैयार किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे में सुधार
राज्य में पुलिस से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं में भी विस्तार किया गया है। कई जिलों में नए पुलिस भवन, बैरक और आधुनिक थानों का निर्माण हुआ है। इसके साथ ही विशेष बलों का गठन और फॉरेंसिक सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है, जिससे जांच और कानून व्यवस्था दोनों को बेहतर बनाया जा सके।
फिटनेस और जिम्मेदारी का संदेश
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में सक्रिय और सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे जनता की सुरक्षा और भरोसे दोनों जुड़े होते हैं।
तकनीकी क्षमता पर विशेष फोकस
पुलिस दूरसंचार विभाग की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जा रहा है। नई तकनीकों को समझने और उन्हें फील्ड में लागू करने की जिम्मेदारी अब नए अभ्यर्थियों पर भी होगी।