Transfer – हाईकोर्ट की सख्ती के बाद IFS अधिकारी का तबादला आदेश रद्द…
Transfer – उत्तराखंड सरकार ने नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक आईएफएस अधिकारी पंकज कुमार के तबादले का आदेश वापस ले लिया है। यह फैसला नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा वन विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी किए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद सामने आया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि संबंधित तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है।

अदालत के आदेश के बाद बदला सरकार का फैसला
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष हुई। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि आईएफएस अधिकारी के स्थानांतरण से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है। इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 के लिए निर्धारित की है।
पहले जारी हुआ था अवमानना नोटिस
इस प्रकरण की शुरुआत तब हुई थी जब अदालत के पूर्व निर्देश के बावजूद अप्रैल में आईएफएस अधिकारी पंकज कुमार का तबादला कर दिया गया। अदालत ने पहले ही उनके संबंध में “नो मूवमेंट” यानी स्थानांतरण नहीं किए जाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद जारी किए गए स्थानांतरण आदेश को लेकर अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई, जिसके बाद वन विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया गया था।
अधिकारी ने दी थी अदालत की शरण
जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद आईएफएस अधिकारी पंकज कुमार ने सरकार से इसे वापस लेने का अनुरोध किया था। जब आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तब मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के कदम पर सवाल उठाए थे और बाद में अवमानना नोटिस भी जारी किया गया।
नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व में बने रहेंगे निदेशक
सरकार द्वारा तबादला आदेश निरस्त किए जाने के बाद अब आईएफएस पंकज कुमार नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक पद पर कार्यरत रहेंगे। अदालत ने फिलहाल सरकार की ओर से दी गई जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है, लेकिन अवमानना याचिका पर अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के दौरान किया जाएगा।
अगली सुनवाई पर रहेगी नजर
मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए यह स्पष्ट किया है कि अवमानना याचिका पर आगे की कार्यवाही निर्धारित समय पर होगी। अब इस मामले में अदालत के समक्ष सरकार की ओर से किए गए अनुपालन और अन्य तथ्यों की समीक्षा की जाएगी।