Silkyara – सुरंग हादसे के बाद दूसरे दिन भी रुका निर्माण कार्य, जांच शुरू…
Silkyara- यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिल्कयारा सुरंग में हुए हादसे के बाद शुक्रवार को भी निर्माण कार्य बंद रहा। बुधवार देर रात एक श्रमिक की मौत के बाद साथी मजदूरों ने काम रोक दिया था। शुक्रवार को अधिकांश श्रमिक अपने दिवंगत साथी के परिजनों के साथ मौजूद रहे। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने और शव को झारखंड भेजे जाने के बाद शनिवार से निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है।

परिजनों को दी गई तत्काल आर्थिक सहायता
हादसे के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी नवयुगा कंपनी ने मृतक श्रमिक के परिजनों को तत्काल डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह राशि पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सौंपी गई। इसके अलावा कंपनी ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद शव को मृतक के पैतृक गांव, झारखंड पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की।
बीमा दावे की प्रक्रिया भी शुरू
बड़कोट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि मृतक के परिजनों को सुरक्षित उनके गृह राज्य के लिए रवाना कर दिया गया है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, श्रमिक का लगभग 26 लाख रुपये का बीमा है। इस बीमा राशि के भुगतान के लिए आवश्यक औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि निर्धारित नियमों के अनुसार परिवार को लाभ मिल सके।
कैसे हुआ था हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात सुरंग के भीतर निर्माण कार्य के दौरान कंक्रीट का एक भारी स्लैब गिर गया, जिसकी चपेट में आने से झारखंड के बोकारो निवासी श्रमिक नरेश गंजु गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
मजिस्टीरियल जांच के आदेश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मामले की मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दुर्घटना के कारणों, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों का परीक्षण किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद साथी श्रमिकों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराने और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की मांग की। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी, संबंधित विभागों और श्रमिकों से जानकारी जुटाई है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जा सके।