PoliticalShift – कांग्रेस के कई नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की
PoliticalShift – उत्तराखंड की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों और संगठनों से जुड़े नेताओं ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम को आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठन विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।

महिला कांग्रेस और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने बदला दल
भाजपा में शामिल होने वालों में महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और रुद्रपुर नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन मीना शर्मा प्रमुख नामों में रहीं। इसके अलावा घनसाली विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे दर्शन लाल आर्य ने भी भाजपा की सदस्यता ली।
रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और वर्ष 2017 में कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ चुकीं लक्ष्मी राणा ने भी पार्टी बदलने का फैसला किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं के शामिल होने से भाजपा को कुछ क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है।
कई स्थानीय नेताओं ने भी थामा भाजपा का हाथ
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हुए। इनमें कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अनिल शर्मा और कांग्रेस सेवा दल के रुद्रपुर महानगर अध्यक्ष संजीव रस्तोगी का नाम भी शामिल है।
इसके अलावा राम प्रसाद, सुमित राई, दिनेश मौर्य, पूनम गुप्ता, मंजू जैन, श्वेता शर्मा, सुदर्शन शर्मा, रिंकू बिष्ट, अरविंद सक्सेना, देवेंद्र प्रसाद जोशी और देव राम रतूड़ी समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने सभी का स्वागत किया।
भाजपा ने संगठन विस्तार पर दिया जोर
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि विभिन्न दलों से लोग पार्टी की नीतियों और सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर जुड़ रहे हैं। पार्टी का दावा है कि राज्य में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता स्तर पर समर्थन बढ़ रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में उचित जिम्मेदारी और सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और संगठनात्मक मजबूती के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस के लिए बढ़ सकती है चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनावी माहौल से पहले इस तरह के दल-बदल को कांग्रेस के लिए चुनौती के रूप में देखा जा सकता है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, वहां संगठन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम पर फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन अपने स्तर पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
आगामी चुनावों से जोड़ा जा रहा घटनाक्रम
राज्य की राजनीति में पिछले कुछ समय से दल-बदल की गतिविधियां तेज हुई हैं। विभिन्न दल आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अन्य दलों में भी इसी तरह की राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है, क्योंकि सभी पार्टियां अपने जनाधार को मजबूत करने में लगी हुई हैं।